ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 25 सितंबर को साओ पाउलो में देशभर में निश्चित दर वाली सट्टेबाजी समाप्त करने के लिए एक अस्थायी आदेश पर हस्ताक्षर किए। एसोसिएटेड प्रेस ने 26 सितंबर को इसकी खबर दी। यह फैसला खेलों पर सट्टे और ऑनलाइन खेलों को शामिल करता है तथा राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आने के समय लिया गया है।
आदेश ऐसी सट्टेबाजी का संचालन, पेशकश, मध्यस्थता और विज्ञापन रोकता है। ब्राजील के न्याय मंत्रालय के अनुसार ग्राहक अब अपने सट्टेबाजी खातों में नई रकम जमा नहीं कर सकते। वे पांच अक्टूबर तक बची राशि निकाल सकते हैं, जबकि वेबसाइट और ऐप छह अक्टूबर से उपलब्ध नहीं रहने चाहिए।
मंत्रालय के अनुसार मंच बंद होने के बाद संचालकों को प्रत्येक ग्राहक की शेष राशि बैंकों को बतानी होगी। बैंकों को नौ से 14 अक्टूबर के बीच बचा पैसा लौटाना है। नए विज्ञापन और प्रायोजन अनुबंध तुरंत निषिद्ध हैं, हालांकि पहले तय प्रचार सामग्री पांच अक्टूबर तक दिखाई जा सकती है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार ब्राजील के फुटबॉल क्लबों ने सट्टेबाजी प्रायोजन से मिलने वाली आय घटने की आशंका जताई है।
ब्राजील ने 2018 में निश्चित दर वाली खेल सट्टेबाजी की अनुमति दी थी और 2023 में संचालकों के नियमन तथा कर लगाने का ढांचा बनाया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 30 मिलियन रियाल प्रति लाइसेंस की दर से 85 लाइसेंस दिए गए थे, जिनकी कुल फीस 2.55 बिलियन रियाल थी। नया आदेश संक्रमण अवधि के बाद इन अनुमतियों को समाप्त करता है। इसमें कारोबार छिनने का मुआवजा या लाइसेंस शुल्क लौटाने का प्रावधान नहीं है।
लूला सरकार का कहना है कि रोक का उद्देश्य परिवारों के कर्ज और जुए से होने वाले नुकसान से निपटना है। वह स्वास्थ्य नीति अध्ययन संस्थान के उस अध्ययन का हवाला देती है जिसमें ब्राजील में जुए की सालाना सामाजिक लागत 38.8 बिलियन रियाल आंकी गई है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार विश्लेषकों ने खेल सट्टेबाजी का सालाना राजस्व चार बिलियन डॉलर से अधिक बताया है। विपक्षी राष्ट्रपति उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने इसे चुनावी कदम कहा है।
सरकार ने अलग से संसद में एक विधेयक भेजा है जिसमें ऐसी सट्टेबाजी चलाने या उसका प्रचार करने और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए निजी जानकारी इस्तेमाल करने पर आपराधिक दंड प्रस्तावित हैं। ये दंड अभी प्रस्ताव हैं, लागू प्रतिबंध का हिस्सा नहीं। अस्थायी आदेश कायम रहने के लिए संसद को इसे 120 दिन में मंजूरी देनी होगी। इस बीच अधिकारियों और बैंकों को मंच बंद करके ग्राहकों का पैसा लौटाना है।
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