होम पर वापस जाएं एक सदी के रिकॉर्ड में यूरोप की जंगली मधुमक्खियों का फैलाव घटा: अध्ययन पर्यावरण

एक सदी के रिकॉर्ड में यूरोप की जंगली मधुमक्खियों का फैलाव घटा: अध्ययन

प्रकाशित 20 अक्टूबर 2026 0 दृश्य

एक नए यूरोपीय अध्ययन में शामिल अधिकांश जंगली मधुमक्खी प्रजातियों और लगभग आधी होवरफ्लाई प्रजातियों की भौगोलिक मौजूदगी पिछली सदी में घटी है। यह शोध 19 अक्टूबर को PNAS में प्रकाशित हुआ। स्पेन की वैज्ञानिक अनुसंधान परिषद सीएसआईसी के दोञाना जैविक केंद्र के नेतृत्व में हुए अध्ययन ने संरक्षण के ऐसे जोखिम पहचाने हैं जिन्हें क्षेत्रीय स्तर पर प्रजातियों की स्थिर दिखती कुल संख्या छिपा सकती है।

शोधकर्ताओं ने 1921 से 2020 के बीच के चालीस लाख से अधिक सत्यापित रिकॉर्ड जांचे, जिनमें यूरोप की ज्ञात मधुमक्खी और होवरफ्लाई प्रजातियों का लगभग 88% शामिल था। एसआईएनसी द्वारा जारी सीएसआईसी के विवरण के अनुसार, सांख्यिकीय मॉडलों ने प्रजातियों की विविधता और भौगोलिक मौजूदगी में बदलाव के साथ पारिस्थितिक विशेषताओं और संरक्षण स्थिति का आकलन किया। मौजूदगी का अर्थ अलग-अलग स्थानों पर प्रजाति का पाया जाना है, व्यक्तिगत कीटों की सीधी गिनती नहीं।

अध्ययन में अटलांटिक और महाद्वीपीय क्षेत्रों में दोनों समूहों की प्रजातीय समृद्धि घटी, जबकि आल्प्स क्षेत्र में मधुमक्खियों के लिए हाल की वृद्धि दिखी। प्रमुख लेखक कार्लोस मार्तिनेस नून्येस ने कहा कि अपरिवर्तित कुल संख्या समुदायों के भीतर बड़े बदलाव छिपा सकती है। कोई प्रजाति यूरोप में कहीं बनी रह सकती है, जबकि अपने पुराने विस्तार क्षेत्र के कुछ हिस्सों से गायब हो जाती है।

बास्क जलवायु परिवर्तन केंद्र की आइनोआ माग्राच ने साइंस मीडिया सेंटर स्पेन से कहा कि मॉडल नमूने जुटाने के प्रयास में बदलाव को आंशिक रूप से समायोजित करते हैं। लेकिन उत्तर-पश्चिमी यूरोप के आंकड़े दक्षिण और पूर्व से कहीं बेहतर हैं और शुरुआती रिकॉर्ड कम हैं। व्यापक डेटाबेस के बावजूद केवल लगभग 40% प्रजातियों के रुझान निकाले जा सके, जो आम तौर पर अधिक सामान्य प्रजातियां हैं।

सीएसआईसी के शोधकर्ताओं ने चेताया कि सिकुड़ता फैलाव पारिस्थितिकी तंत्रों और फसलों को सहारा देने वाले परागण को कमजोर कर सकता है। उन्होंने आवासों की हानि, फूलों के संसाधनों में कमी और सघन खेती से जुड़े कीटनाशकों को दबाव बताया, जबकि जलवायु परिवर्तन बढ़ता खतरा है। माग्राच के अनुसार, संवेदनशील प्रजातियों की जगह अधिक सहनशील प्रजातियां आने से परागण के कार्य कमजोर पड़ सकते हैं, भले कुल प्रजातीय संख्या में थोड़ा बदलाव हो।

शोधकर्ता इग्नासी बार्तोमेउस ने सीएसआईसी के विवरण में कहा कि अब तक महाद्वीपीय स्तर पर सीमित विलुप्तियां इस गिरावट को पलटने की गुंजाइश छोड़ती हैं। टीम ने प्राकृतिक आवास बचाने, कृषि परिदृश्य विविध बनाने, पूरे साल फूल उपलब्ध रखने और कीटनाशक घटाने की सिफारिश की। निष्कर्ष भविष्य की निगरानी और संरक्षण को दिशा दे सकते हैं, जबकि आगे का शोध प्रजातियों और क्षेत्रों के बीच अंतर के कारण जांचेगा।

स्रोत: CSIC via SINC: https://cdn.agenciasinc.es/Noticias/Un-siglo-de-datos-confirma-el-declive-generalizado-de-polinizadores-en-Europa ; Science Media Centre Spain: https://sciencemediacentre.es/la-mayoria-de-las-especies-de-abejas-silvestres-estan-en-declive-en-europa-segun-un-analisis-del ; PNAS study DOI: https://doi.org/10.1073/pnas.2600774123

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