भारत ने शुक्रवार, दो अक्टूबर को जापान के निशिओ में हुए फाइनल के बाद आइची-नागोया एशियाई खेलों की मुक्केबाजी पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने फाइनल जीते। वर्ल्ड बॉक्सिंग के अनुसार, भारतीय दल ने प्रतियोगिता तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदकों के साथ समाप्त की। किसी अन्य दल ने मुक्केबाजी में इतने स्वर्ण नहीं जीते। अंतिम दिन ग्यारह वर्गों के खिताब तय हुए।
इन तीन जीतों से भारत ने एशियाई खेलों के किसी एक संस्करण में मुक्केबाजी के सर्वाधिक स्वर्ण का अपना नया आंकड़ा बनाया। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार, पिछला सर्वोच्च आंकड़ा 2010 के ग्वांगझू खेलों में दो स्वर्ण था, जब भारत को मुक्केबाजी में कुल नौ पदक मिले थे। इस बार कुल छह पदक मिले हैं, जो 2010 की कुल संख्या से कम हैं, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या अधिक है।
बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम फाइनल में चीन की बाओ जियी को सभी पांच निर्णायकों के एकमत फैसले से 5-0 से हराया। इससे उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में मिले रजत को इस बार स्वर्ण में बदला। पीटीआई ने बताया कि फाइनल उनके 29वें जन्मदिन पर हुआ और उन्होंने इस जीत को जन्मदिन का विशेष रूप से महत्वपूर्ण उपहार बताया।
महिलाओं के 65 किलोग्राम फाइनल में हुड्डा ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के विभाजित फैसले से हराया। इसके बाद पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियॉन्ग को 4-0 से मात दी। वर्ल्ड बॉक्सिंग की रिपोर्ट में ये तीनों मुकाबले निशिओ के जिम्नेजियम में शुक्रवार को हुए ग्यारह फाइनल में शामिल हैं।
वर्ल्ड बॉक्सिंग ने मुक्केबाजी पदक तालिका में उज्बेकिस्तान को दो स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य के साथ दूसरा स्थान दिया। कजाखस्तान दो स्वर्ण और तीन कांस्य के साथ उसके बाद रहा। भारत के तीन खिताब इन दोनों देशों से अधिक रहे। पीटीआई के अनुसार, महिला मुक्केबाजों की जीत ने एशियाई खेलों में भारत के अगले महिला मुक्केबाजी स्वर्ण के लिए बारह साल का इंतजार भी समाप्त किया।
मुक्केबाजी की प्रतियोगिता समाप्त हो चुकी है, इसलिए इस खेल की पदक तालिका अब अंतिम है। एशियाई खेलों की अन्य स्पर्धाएं जापान में चार अक्टूबर तक जारी रहेंगी और दूसरे खेलों में अभी पदक तय होने बाकी हैं। शेष मुकाबलों के समाप्त होने पर मुक्केबाजी के ये परिणाम भारत की समग्र पदक उपलब्धि का हिस्सा होंगे।
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