फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैंटिनो ने 15 अक्टूबर को ज्यूरिख में परिषद के सदस्यों से अपनी छोड़ी गई विश्व कप निवेश योजना पर माफी मांगी, एपी ने बताया। यूरोपीय अधिकारी असंतुष्ट रहे और कहा कि जानकारी की उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
रॉयटर्स के अनुसार, प्रस्ताव में फीफा की एक वाणिज्यिक सहायक कंपनी की अल्पमत हिस्सेदारी निजी निवेशकों को बेचनी थी। उनकी अगुवाई जोशुआ कुशनर की स्थापित कंपनी करती। जुलाई में घोषित परियोजना फुटबॉल नेताओं के विरोध के बीच कुछ ही दिनों में विफल हो गई।
एपी के अनुसार, इनफैंटिनो ने गुरुवार की बैठक में 4.2 अरब डॉलर के प्रस्ताव के दस्तावेज नहीं दिए। उपाध्यक्ष डेबी हेविट ने कहा कि साढ़े तीन घंटे की चर्चा के बाद उन्होंने लिखित सवाल भेजने को कहा। जर्मन फुटबॉल प्रमुख बर्न्ड नोएंडोर्फ ने जवाब असंतोषजनक बताए।
विवाद फुटबॉल की विश्व संस्था में बड़े वाणिज्यिक फैसले लेने की प्रक्रिया से जुड़ा है। रॉयटर्स ने बताया कि यूएफा, एशिया के एएफसी और कॉनकाकैफ के प्रमुख इनफैंटिनो को हटाने की मांग कर चुके थे। हटाना संभव न हो तो विरोधी उनके अधिकार सीमित करना भी चाहते थे।
इनफैंटिनो के पद पर बने रहने को लेकर समर्थन और विरोध की स्थिति बंटी हुई है। एपी के मुताबिक, मॉरिटानिया संघ के अध्यक्ष अहमद याह्या ने उनके नेतृत्व में बने रहने का समर्थन किया। रॉयटर्स ने अफ्रीकी अधिकारियों और कई एशियाई देशों का समर्थन बताया था। इससे स्पष्ट है कि महाद्वीपीय नेताओं की आलोचना हर राष्ट्रीय संघ का रुख नहीं दर्शाती।
अब फुटबॉल जगत का ध्यान अधिकारियों की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण और मार्च 2027 के अध्यक्ष चुनाव पर है। रॉयटर्स के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख 18 नवंबर है। फीफा के प्रकाशित कार्यसूची दस्तावेज ने 15 अक्टूबर की बैठक की पुष्टि की थी; एपी की रिपोर्ट बताती है कि माफी से विवाद समाप्त नहीं हुआ।
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