होम पर वापस जाएं ईरान-अमेरिका युद्ध दिवस 12: विमानवाहक पोत में आग के दावे झूठे साबित, मिनाब स्कूल पर हमले में 182 की मौत विश्व

ईरान-अमेरिका युद्ध दिवस 12: विमानवाहक पोत में आग के दावे झूठे साबित, मिनाब स्कूल पर हमले में 182 की मौत

प्रकाशित 12 मार्च 2026 929 दृश्य

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के बारहवें दिन, ईरानी राजकीय मीडिया ने ऐसे फुटेज प्रसारित किए जिनमें कथित तौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को आग में जलते हुए दिखाया गया था। तेहरान ने इसे अमेरिकी युद्धपोत पर एक सफल हमला बताया। हालांकि, स्वतंत्र विश्लेषकों और पेंटागन ने इन दावों को तुरंत खारिज कर दिया और बताया कि ये फुटेज कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाई गई छवियां और वीडियो गेम की क्लिप थीं जिन्हें प्रचार के रूप में पुनः इस्तेमाल किया गया था। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, वास्तव में आग लगने वाला जहाज एक ईरानी ड्रोन वाहक था, जो द्वितीय विश्व युद्ध के विमानवाहक पोत जितना बड़ा था और रात्रि अभियानों के दौरान अमेरिकी बलों द्वारा मारा गया था। इस घटना ने फारस की खाड़ी में सशस्त्र संघर्ष के साथ-साथ चल रहे सूचना युद्ध की बढ़ती तीव्रता को उजागर किया।

दिन का सबसे विनाशकारी घटनाक्रम दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब से आया, जहां एक अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल ने सुबह की कक्षाओं के दौरान एक प्राथमिक विद्यालय पर हमला किया, जिसमें 168 बच्चों और 14 शिक्षकों की मौत हो गई। पेंटागन ने इस हमले को स्वीकार किया और कहा कि इस दुखद घटना की पूरी जांच शुरू कर दी गई है। एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना नागरिक हताहतों की सभी रिपोर्टों को अत्यंत गंभीरता से लेती है। इस हमले की संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने तत्काल निंदा की और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने और नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करने का आग्रह किया।

ईरान ने वह अभियान शुरू किया जिसे उसके सैन्य नेतृत्व ने शत्रुता की शुरुआत के बाद से सबसे तीव्र आक्रामक अभियान बताया। रात भर में फारस की खाड़ी में तीन और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला हुआ, और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपनी प्रतिज्ञा दोहराई कि जब तक संघर्ष जारी रहेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य से एक बूंद तेल भी नहीं गुजरेगा। अमेरिकी नौसेना के तीन विमानवाहक पोत युद्ध समूह इस क्षेत्र में तैनात हैं, जिनमें यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश शामिल हैं, जो दशकों में मध्य पूर्व में सबसे बड़ी अमेरिकी नौसैनिक तैनाती में से एक है।

इस बढ़ते तनाव के आर्थिक प्रभाव वैश्विक बाजारों में फैलते रहे। शिपिंग पर रात के हमलों के बाद तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने सदस्य देशों की रणनीतिक तेल भंडार से 400 मिलियन बैरल की ऐतिहासिक रिहाई को मंजूरी दी। आईईए के इतिहास में यह सबसे बड़ी समन्वित रिहाई थी, जिसका उद्देश्य एक व्यापक ऊर्जा संकट को रोकना था, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसके माध्यम से दैनिक रूप से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, ईरानी बलों द्वारा प्रभावी रूप से अवरुद्ध बना हुआ था।

लगभग दो सप्ताह की लड़ाई के बाद विभिन्न निगरानी संगठनों द्वारा जारी संचयी हताहत आंकड़ों ने मानवीय लागत की एक भयावह तस्वीर पेश की। ईरानी मृतकों की संख्या 1,255 से 1,300 के बीच अनुमानित है, और बमबारी वाले क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी रहने के साथ यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। शत्रुता की शुरुआत से आठ अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, जबकि इजरायल की उत्तरी सीमा और दक्षिणी लेबनान में संबंधित संघर्षों में 13 इजरायली और 486 से 634 लेबनानी नागरिकों की जान गई है।

बारहवें दिन राजनयिक प्रयास गतिरोध में बने रहे। ट्रम्प प्रशासन ने किसी भी युद्धविराम वार्ता के लिए ईरान की बिना शर्त समर्पण को पूर्व शर्त के रूप में अपनी मांग जारी रखी, जिसे तेहरान ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है। न तो कोई गुप्त संवाद और न ही किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के प्रयास सफल होते दिखे, और ईरान के भीतर मानवीय संकट गहराता गया क्योंकि अस्पतालों ने दवाओं और शल्य चिकित्सा सामग्री की गंभीर कमी की सूचना दी। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी न केवल तेल शिपमेंट को रोक रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवीय सहायता की डिलीवरी को भी बाधित कर रही है।

स्रोत: Reuters, AP News, BBC News, Al Jazeera, CNN

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