जापान के कुमामोतो में आए जानलेवा भूकंप के बाद राहत अभियान सोमवार को कठिन पुनर्वास चरण में पहुंच गया, जहां भीषण गर्मी और बाधित जलापूर्ति हजारों विस्थापित लोगों के लिए नया खतरा बन गई है। प्रांतीय अधिकारियों ने कहा कि 28 जुलाई को दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप से 38 लोगों की मौत हुई और 114 घायल हुए। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने आपदा के बाद पहली बार प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उद्धृत अधिकारियों के अनुसार 8,500 से अधिक लोग सामुदायिक केंद्रों, स्कूल जिम और कक्षाओं में बने आपात आश्रयों में रह रहे हैं। कई केंद्रों में वातानुकूलन, स्वच्छता, निजता या भरोसेमंद चिकित्सा सहायता नहीं है। कुछ निवासी कारों, पार्कों या क्षतिग्रस्त घरों के बाहर सो रहे हैं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सोमवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने का अनुमान दिया, जिससे गर्मी से बीमारी का जोखिम बढ़ गया।
बुनियादी ढांचे की क्षति आपात जरूरतों को प्रभावित कर रही है। कुमामोतो अधिकारियों के अनुसार 46,000 से अधिक घरों में नल का पानी नहीं था, कई समुदायों में ईंधन कम था, करीब 700 घर नष्ट हुए और 11,300 से अधिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। निवासी टूटे फर्नीचर और उपकरण बाहर रख रहे थे। उकी और हिकावा में अस्थायी आवास बनने लगे और कुछ होटल तथा सराय विस्थापित लोगों को कमरे दे रहे हैं।
ताकाइची ने सैन्य हेलीकॉप्टर से प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया और वातानुकूलन, विभाजकों तथा गत्ते के बिस्तरों वाले एक आश्रय का दौरा किया। गवर्नर ताकाशी किमुरा ने बताया कि असामान्य गर्मी पहले से गंभीर हालात को और बिगाड़ रही है। उन्होंने स्वच्छ पानी और चिकित्सा देखभाल से वंचित केंद्रों के लिए अधिक राष्ट्रीय मदद मांगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अतिरिक्त सहायता की तेजी से समीक्षा कर सक्रिय कार्रवाई करेगी।
आपदा के बाद काशिमा के आंशिक रूप से ढहे शॉपिंग मॉल में हुए विस्फोट की जांच पर भी ध्यान बढ़ा है। संचालक का मानना है कि लगभग 3,000 ग्राहकों को निकालने के बाद गैस रिसाव से धमाका हुआ, हालांकि कुछ कर्मचारी भीतर थे। बचावकर्मियों ने वहां पांच जीवित लोगों और सात शवों को निकाला। एक दुकान संचालक ने माना कि उसने बाद में मारी गईं दो कर्मचारियों से संभव होने पर बिक्री की रकम सुरक्षित रखने के लिए लौटने को कहा था।
अब प्राथमिकताओं में पानी और ईंधन बहाल करना, आश्रयों की भीड़ घटाना, गर्मी से मौत रोकना और परिवारों को सुरक्षित आवास देना शामिल है। अधिकारी इमारतों का आकलन और मॉल विस्फोट की जांच भी कर रहे हैं। भूकंपीय क्षति और खतरनाक गर्मी का मेल दर्शाता है कि तत्काल खोज तथा बचाव चरण धीमा होने के बाद भी मानवीय जोखिम बना रहेगा।
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