एमआई5 प्रमुख केन मैक्कलम ने 13 अक्टूबर को लंदन में कहा कि ईरान ब्रिटिश सैन्य ठिकानों पर हमले का प्रयास कर रहा है और विरोधियों तथा अन्य पुराने लक्ष्यों से आगे अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है। रॉयटर्स और एपी ने यह चेतावनी ऐसे समय दी जब तेहरान ने फेयरफोर्ड हवाई अड्डे की संदिग्ध साजिश में भूमिका नकारी। मैक्कलम ने इसे इस वर्ष ईरानी महत्वाकांक्षाओं में बड़ा बदलाव बताया।
यह चेतावनी सितंबर में फेयरफोर्ड की सुरक्षा घटना के बाद आई। अमेरिकी बमवर्षकों ने ईरान पर हमले के लिए इस अड्डे का उपयोग किया था। एपी के अनुसार पुलिस को तीन वैन में पेट्रोल मिला, लेकिन विस्फोटक नहीं मिले। सात पुरुषों को गिरफ्तार करके जमानत पर रिहा किया गया। जांच जारी है; संभावित अभियोजन प्रभावित न हो, इसलिए मैक्कलम ने टिप्पणी सीमित रखी।
अपने प्रकाशित वार्षिक खतरा आकलन में मैक्कलम ने कहा कि ईरान से जुड़े अभियानों में पिछले बारह महीनों में ब्रिटेन में 50 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं। उन्होंने विरोधियों, ईरानी मीडिया और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाने वाले आपराधिक बिचौलियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि इन आक्रामक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा ब्रिटिश यहूदी समुदायों के विरुद्ध था।
ईरान ने मंगलवार को ब्रिटिश राजदूत ह्यूगो शॉर्टर को तलब किया और कथित फेयरफोर्ड साजिश से उसे जोड़ने वाले प्रमाण मांगे। एपी ने ईरानी सरकारी प्रसारण संस्था के हवाले से यह जानकारी दी। तेहरान ने द्विपक्षीय संबंधों पर पुनर्विचार की चेतावनी दी। रॉयटर्स ने भी बताया कि ईरान ने ब्रिटेन में शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के आरोप खारिज किए हैं।
रॉयटर्स के अनुसार मैक्कलम ने कहा कि ब्रिटेन में ईरान द्वारा इस्तेमाल अपराधियों की क्षमताएं सीमित हैं, जबकि ईरान के निकट देशों में रिवोल्यूशनरी गार्ड को जटिल अभियानों का अधिक अनुभव है। उनके आकलन ने कठिन लक्ष्यों पर हमले की महत्वाकांक्षा और ब्रिटेन में देखी गई क्षमताओं के बीच अंतर किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेयरफोर्ड अकेला उदाहरण नहीं है।
भाषण में एक दशक में एमआई5 के विदेशी राज्यों से जुड़े खतरों के मामलों में चार गुना वृद्धि का भी उल्लेख था। मैक्कलम ने ऊर्जा और रक्षा संस्थाओं से तोड़फोड़, ड्रोन और साइबर हमलों के विरुद्ध सरकारी दिशा-निर्देश अपनाने को कहा। जारी जांच के बीच उन्होंने बताया कि एमआई5 ने सुरक्षा को मुख्य मिशन बनाया है, ताकि घटनाएं होने पर देश का कामकाज चलता रहे।
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