शुक्रवार, 25 सितंबर को तेल की कीमतों में लगभग दो प्रतिशत गिरावट आई। कारोबारियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के संभावित समझौते की खबरों के साथ सऊदी अरब के तेल ढांचे पर बने खतरों का आकलन किया। रॉयटर्स के अनुसार ब्रेंट कच्चा तेल 2.1 प्रतिशत गिरकर 104.32 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 2.3 प्रतिशत गिरकर 92.41 डॉलर पर बंद हुआ। डाउ जोन्स न्यूज़वायर्स ने भी स्वतंत्र रूप से यही बंद भाव बताए।
यह जलडमरूमध्य खाड़ी के तेल उत्पादकों को दुनिया भर के खरीदारों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। रॉयटर्स के अनुसार, फरवरी में ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों से शुरू हुए युद्ध से पहले दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति यहां से गुजरती थी। जहाजों की आवाजाही में रुकावट और दूसरे निर्यात मार्गों पर हमलों के कारण ऊर्जा बाजार बातचीत तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर खबर पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बातचीत की जानकारी रखने वाले लोगों ने रॉयटर्स को बताया कि न्यूयॉर्क में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि चरणबद्ध व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। इसके तहत ईरान जलडमरूमध्य खोलेगा और वाशिंगटन ईरान पर लगा अपनी आर्थिक नाकाबंदी हटाएगा। शुक्रवार तक किसी समझौते की घोषणा नहीं हुई थी। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि अमेरिका समुद्री मार्ग पर ईरान का प्रस्ताव मान भी ले, तब भी तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर रुख नरम नहीं करेगा।
जहाजों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद के साथ यमन के ईरान समर्थित हूती समूह के सऊदी अरब पर हमलों की चिंता भी बनी रही। रॉयटर्स के अनुसार इन हमलों ने बड़े तेल निर्यातक देश से आपूर्ति को बाधित किया है। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के प्रारंभिक आंकड़ों में 20 सितंबर से शुरू सप्ताह के दौरान जलडमरूमध्य से 3.37 करोड़ बैरल कच्चा तेल निकलने का अनुमान है। यह पिछले सप्ताह के आसपास ही है और सामान्य यातायात की पूरी बहाली नहीं दिखाता।
वाशिंगटन में अमेरिकी डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध की चर्चा भी कारोबार को प्रभावित कर रही थी, हालांकि ऐसा कोई प्रतिबंध घोषित नहीं हुआ था। रॉयटर्स के अनुसार इस संभावना ने अमेरिकी तेल के मुकाबले ब्रेंट का मूल्य अंतर बढ़ाया, जबकि अमेरिकी गैसोलीन वायदा शुक्रवार को लगभग चार प्रतिशत गिरा। यूरोप में ऊर्जा कंपनियों के शेयर 1.3 प्रतिशत फिसले और रायनएयर तथा लुफ्थांसा के शेयर दो प्रतिशत से अधिक चढ़े, जैसा रॉयटर्स की एक अलग बाजार रिपोर्ट में बताया गया।
शुक्रवार की गिरावट से तेल खरीदारों को कुछ राहत मिली, लेकिन ब्रेंट अब भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ और सुरक्षा स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। निवेशक देखेंगे कि क्या वार्ताकार जलडमरूमध्य खोलने की शर्तें घोषित करते हैं और क्या सऊदी ठिकानों तथा समुद्री मार्गों पर हमले जारी रहते हैं। इन सवालों का समाधान होने तक कूटनीतिक और सैन्य घटनाओं से कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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