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लेबनानी पत्रकार की मौत पर युद्ध अपराध की जांच की मांग

प्रकाशित 6 अगस्त 2026 267 दृश्य

एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने गुरुवार को कहा कि इजराइली बलों ने अप्रैल में दक्षिणी लेबनान में दो नागरिक पत्रकारों पर संभवतः जानबूझकर हमला किया, जिसमें अल-अखबार की संवाददाता अमल खलील की मौत हुई और स्वतंत्र फोटोग्राफर ज़ैनब फराज गंभीर रूप से घायल हुईं। संगठनों ने हमलों की संभावित युद्ध अपराध के रूप में स्वतंत्र जांच की मांग की। इजराइल ने कहा कि उसकी प्रारंभिक समीक्षा के अनुसार अभियान का निशाना हिजबुल्लाह के सदस्य थे।

ये निष्कर्ष 22 अप्रैल को अल-तिरी में हुए लगातार हमलों से जुड़े हैं। यह गांव इजराइली सीमा से लगभग आठ किलोमीटर दूर है और घटना इजराइल तथा हिजबुल्लाह के बीच नाजुक संघर्षविराम शुरू होने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद हुई। 42 वर्षीय खलील लंबे समय से दक्षिणी लेबनान में रिपोर्टिंग करती थीं। एसोसिएटेड प्रेस और अधिकार संगठनों के अनुसार, 21 वर्षीय फराज उनके साथ संघर्ष प्रभावित गांवों में नुकसान दर्ज कर रही थीं।

जांचकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने तस्वीरों, वीडियो, उपग्रह चित्रों, प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों की गवाही तथा व्हाट्सऐप संदेशों का विश्लेषण किया। उनकी पुनर्रचना के अनुसार, पहले ड्रोन हमले ने पत्रकारों के पास एक वाहन में दो पुरुषों को मार दिया, दूसरा हमला रुकने के बाद पत्रकारों की कार पर हुआ और तीसरा उस इमारत पर हुआ जहां घायल महिलाओं ने शरण ली थी। संगठनों ने कहा कि कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन इलाके के ऊपर बने रहे।

लेबनानी रेड क्रॉस को अंततः प्रवेश की अनुमति मिली और उसने फराज को बचाया, लेकिन चिकित्सा कर्मियों ने कहा कि इजराइली गोलीबारी ने उन्हें मलबे के नीचे खलील तक पहुंचने से पहले पीछे हटने पर मजबूर किया। ह्यूमन राइट्स वॉच ने शव परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कहा कि सिर की चोट और गंभीर रक्तस्राव से हृदय रुकने के कारण शाम को उनकी मौत हुई। संगठनों के अनुसार, लेबनानी अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन ने इजराइल को बचाव की जरूरत के बारे में बार-बार बताया था।

इजराइली सेना ने गुरुवार को कहा कि प्रारंभिक जांच में खलील की मौत हिजबुल्लाह सदस्यों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के दौरान होने की बात सामने आई और पूरी जांच कानूनी शाखा को समीक्षा के लिए भेजी जाएगी। इजराइल पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाने से इनकार करता है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि उसे पत्रकारों के पास मारे गए दो पुरुषों के लड़ाका होने का प्रमाण नहीं मिला। संगठनों ने कहा कि किसी क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित करने से मानवीय कानून के तहत नागरिक सुरक्षा समाप्त नहीं होती।

एमनेस्टी और ह्यूमन राइट्स वॉच ने लेबनान से जांच करने और अक्टूबर 2023 से कथित अपराधों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को अधिकार देने का आग्रह किया। उन्होंने हथियार प्रतिबंध और अन्य अंतरराष्ट्रीय उपायों की भी मांग की। यह मामला क्षेत्रीय संघर्ष में मीडिया कर्मियों पर हमलों के लिए जवाबदेही की मांग बढ़ाता है। किसी आपराधिक निष्कर्ष के लिए स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया जरूरी होगी और इजराइल की अंतिम सैन्य समीक्षा गुरुवार तक लंबित थी।

स्रोत: Associated Press, Amnesty International, Human Rights Watch, Le Monde, Committee to Protect Journalists

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