सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स एनवीडिया की विशेष हाई बैंडविड्थ मेमोरी के बेस डाई बनाने के लिए टीएसएमसी की 3 नैनोमीटर प्रक्रिया इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। रॉयटर्स ने 18 अक्टूबर को सोल इकोनॉमिक डेली के हवाले से यह बताया। प्रतिद्वंद्वी चिप कंपनियों का यह सहयोग NVHBM से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की गणना में मेमोरी संबंधी बाधाएं कम करना है।
अखबार के उद्योग सूत्रों के अनुसार, एनवीडिया सैमसंग और टीएसएमसी के साथ बेस डाई विकसित कर रही है। यह मेमोरी की खड़ी परतों के नीचे संकेतों का आदान-प्रदान नियंत्रित करने वाली लॉजिक परत है। रॉयटर्स के मुताबिक, एनवीडिया ने सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन से इसके लिए टीएसएमसी की प्रक्रिया और मेमोरी परतों के लिए छठी पीढ़ी की DRAM तकनीक मांगी है।
सोल इकोनॉमिक डेली के अनुसार, डिजाइन में मेमोरी नियंत्रक ग्राफिक्स प्रोसेसर से हटकर मेमोरी के बेस डाई में जाएगा। इससे प्रोसेसर में अतिरिक्त गणना सर्किट के लिए जगह मिलेगी। अखबार इसे प्रदर्शन और उत्पादन क्षमता की सीमाओं का समाधान बताता है। हालांकि जानकारी अनाम सूत्रों पर आधारित है, सार्वजनिक रूप से घोषित अनुबंध पर नहीं।
सैमसंग के मौजूदा उत्पाद संभावित बदलाव की पृष्ठभूमि समझाते हैं। फरवरी में HBM4 की घोषणा में कंपनी ने छठी पीढ़ी की 10 नैनोमीटर श्रेणी वाली DRAM को अपने 4 नैनोमीटर लॉजिक बेस डाई से जोड़ने की बात कही थी। उसने प्रति स्टैक 3.3 टेराबाइट प्रति सेकंड तक बैंडविड्थ और वाणिज्यिक आपूर्ति शुरू होने की जानकारी दी। ये उस उत्पाद के कंपनी के दावे हैं, प्रस्तावित NVHBM के विनिर्देश नहीं।
यह अंतर अहम है क्योंकि मेमोरी की परतों और नीचे के लॉजिक का निर्माण एक ही उत्पाद के अलग हिस्से हैं। रिपोर्ट में बताई योजना एनवीडिया के लिए सैमसंग के विशेष उत्पाद में टीएसएमसी की प्रक्रिया जोड़ेगी। इससे यह साबित नहीं होता कि सैमसंग अपने सभी मेमोरी उत्पादों में स्वयं की बेस डाई तकनीक छोड़ रही है।
देखी गई सामग्री में विस्तृत उत्पादन प्रतिबद्धताओं और आपूर्ति के समय की पुष्टि नहीं हुई है। व्यवस्था के वाणिज्यिक आपूर्ति तक पहुंचने का समय जानने के लिए और खुलासे जरूरी होंगे। फिलहाल 18 अक्टूबर की रिपोर्टें मेमोरी आपूर्तिकर्ताओं और चिप निर्माता के बीच बढ़ते तालमेल का संकेत देती हैं, जबकि एनवीडिया अपनी विशेष मेमोरी संरचना पर काम कर रही है।
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