ब्रिटिश सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 को इंग्लैंड की छह काउंटियों के कुछ हिस्सों में गंभीर सूखा घोषित किया और जल कंपनियों को आपूर्ति सुरक्षित रखने की तैयारी बढ़ाने का निर्देश दिया। घोषणा कॉर्नवाल, डेवोन, डोरसेट, समरसेट, ईस्ट ससेक्स और वेस्ट ससेक्स के कुछ क्षेत्रों पर लागू है। मंत्रियों ने कहा कि निवारक उपाय बढ़ाए जाने के दौरान उपभोक्ताओं की जलापूर्ति बिना रुकावट जारी रहेगी।
पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड ने एक सदी से अधिक समय का सबसे शुष्क अप्रैल-सितंबर काल देखा। पर्यावरण एजेंसी ने स्पष्ट किया कि घोषणा वेस्ट ससेक्स के आर्डिंग्ली और समरसेट के विम्बलबॉल जलाशयों से पानी पाने वाले क्षेत्रों के लिए है, छह काउंटियों के हर घर के लिए नहीं। एजेंसी के अनुसार इंग्लैंड के 82 प्रतिशत क्षेत्र में सूखा बना हुआ है।
सरकार ने कंपनियों को जलाशयों और नदियों के स्तर की रोजाना जांच तथा पानी की गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया। एजेंसी प्राकृतिक स्रोतों से पानी लेने वाले कारोबारों का निरीक्षण बढ़ाएगी, ताकि निकासी अनुमत मात्रा के भीतर रहे। जल मंत्री एम्मा हार्डी ने पर्यावरण संबंधी नियमों से टकराव टालना असंभव होने पर सार्वजनिक आपूर्ति को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया, जिससे कंपनियां कम पानी वाले जलाशयों में अधिक पानी रोक सकेंगी।
एजेंसी ने गंभीर सूखे को अपना सर्वोच्च सूखा वर्गीकरण बताया, जिसमें गंभीर नुकसान सीमित करने के लिए असाधारण कार्रवाई जरूरी है। इससे अपने आप नई पाबंदियां लागू नहीं होतीं और यह नागरिक आपातकाल भी नहीं है। साउथ ईस्ट वाटर ने अलग से पुष्टि की कि ससेक्स में 9 अक्टूबर से लागू कड़े होजपाइप प्रतिबंधों ने पुरानी छूट खत्म कर दी हैं। स्वास्थ्य, सुरक्षा या कल्याण के लिए जरूरी इस्तेमाल को ही छूट है।
खेती के लिए संचित पानी फिर भरने को लेकर भी अनिश्चितता है। नेशनल फार्मर्स यूनियन ने कहा कि राष्ट्रीय सूखा समूह साप्ताहिक बैठक कर रहा है और सर्दियों में जलाशय भरने तथा अगले वर्ष की संकट सहने की क्षमता को लेकर चिंता है। संगठन ने अक्टूबर के आरंभ में घोषित उन उपायों का स्वागत किया, जो कुछ किसानों को मौजूदा भंडारण जलाशय पहले भरने देते हैं और लंबी अवधि के जल निकासी लाइसेंस के आवेदन सरल बनाते हैं।
पर्यावरण एजेंसी ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने के लिए अगले छह महीनों में सामान्य वर्षा का करीब 120 प्रतिशत पानी चाहिए होगा। पर्याप्त बारिश से संसाधन बहाल होने तक वह सरकार और जल कंपनियों के साथ निगरानी तथा समन्वय जारी रखेगी। एजेंसी ने पानी बचाने की अपील करते हुए कहा कि मांग घटने से सार्वजनिक आपूर्ति के साथ वन्यजीवों और आर्द्रभूमियों के लिए भी नदियों तथा भूजल में अधिक पानी बचेगा।
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