अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अक्टूबर को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन किया, जब संसदीय चुनाव में नौ दिन बाकी थे। रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की। महीनों तक स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिबद्धता नहीं जताने के बाद उन्होंने लिकुड नेता को चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में समर्थन दिया।
टाइम्स ऑफ इजराइल के विवरण के अनुसार ट्रंप ने नेतन्याहू के नेतृत्व और ईरान के विरुद्ध सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने तर्क दिया कि कोई अन्य इजराइली नेता वाशिंगटन को ईरान का अकेले सामना करने के लिए छोड़ देगा। यह ट्रंप का राजनीतिक आकलन है; समर्थन की घोषणा से यह साबित नहीं होता कि भावी इजराइली सरकार कैसे काम करेगी।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार नेतन्याहू ने एक्स पर समर्थन और संयुक्त कार्य के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ अपने संबंध को सत्ता में बने रहने की वजह बताते रहे हैं। एजेंसी ने कहा कि ट्रंप के समर्थन रोकने के दौरान दोनों की क्षेत्रीय रणनीतियों में मतभेद बढ़े थे, इसलिए घोषणा का समय नेतन्याहू के अभियान के लिए महत्वपूर्ण है।
रॉयटर्स के अनुसार चुनावी लाभ अनिश्चित है, क्योंकि ईरान पर मतभेदों के बीच इजराइल में ट्रंप का समर्थन घटा है। सर्वेक्षणों में नेतन्याहू के धार्मिक और राष्ट्रवादी गठबंधन के बहुमत खोने की संभावना दिखी, लेकिन विपक्ष को भी सरकार बनाने में कठिनाइयां हैं। इसलिए चुनावी समर्थन मात्र से संसदीय बहुमत का समीकरण नहीं सुलझता।
एसोसिएटेड प्रेस और रॉयटर्स के अनुसार 27 अक्टूबर का मतदान, 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा। प्रधानमंत्री का चयन संसद में गठबंधन बनाने से होता है, सीधे जनमत से नहीं। रॉयटर्स ने कहा कि अनिर्णायक नतीजा नेतन्याहू को अगले चुनाव तक कार्यवाहक पद पर बनाए रख सकता है; परिणाम और बाद की गठबंधन वार्ताएं निर्णायक रहेंगी।
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