ब्रिटेन ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों की नई समीक्षा के बाद 21 अक्टूबर 2026 को उत्तरी सागर के जैकडॉ गैस क्षेत्र में उत्पादन को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार आपूर्ति अक्टूबर के अंत तक शुरू हो सकती है। पर्यावरण समूहों ने अधिक जीवाश्म ईंधन निकालने के जलवायु संबंधी औचित्य पर सवाल उठाया।
संसदीय बयान ने पुष्टि की कि ऊर्जा मंत्री की सहमति के बाद नॉर्थ सी ट्रांजिशन अथॉरिटी ने अनुमति दी। जैकडॉ के पास पहले से लाइसेंस था। अधिकारियों को उत्पादन के चरम पर घरेलू गैस उत्पादन लगभग 6% बढ़ने और परियोजना के अधिकतम ग्यारह वर्ष चलने की उम्मीद है।
शेल के अनुसार जनवरी 2025 में अदालत ने 2022 की मूल अनुमति रद्द की, क्योंकि पर्यावरणीय आकलन में गैस के अंतिम दहन से होने वाला उत्सर्जन शामिल नहीं था। नए आकलन ने सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के फिंच फैसले के अनुसार इस उत्सर्जन को शामिल किया। अनुमति की प्रक्रिया के दौरान निर्माण जारी रखने की छूट थी।
सरकार ने फैसले को बाध्यकारी कार्बन सीमाओं और 2050 के शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य के अनुकूल बताया। एपी के अनुसार पर्यावरण संगठनों ने लाभों पर सवाल उठाए: डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-यूके ने कहा कि इससे कीमतें नहीं घटेंगी और ब्रिटेन का जलवायु नेतृत्व कमजोर होगा। सरकार ने माना कि गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार तय करते हैं।
रॉयटर्स के अनुसार शेल और इक्विनोर का संयुक्त उद्यम अडूरा जैकडॉ का संचालन करता है। शेल ने मंजूरी का स्वागत करते हुए अनुमान योग्य नियम और स्थिर निवेश परिस्थितियों की जरूरत बताई। मंत्रियों ने दो अरब पाउंड की शुरुआती राशि वाला ऊर्जा संपदा कोष भी घोषित किया, जो तेल और गैस राजस्व को नवीकरणीय तथा कम कार्बन ऊर्जा में लगाएगा।
रॉयटर्स के अनुसार रोजबैंक तेल क्षेत्र पर अलग फैसला अभी लंबित है। जैकडॉ का अगला कदम ब्रिटिश घरों और व्यवसायों को आपूर्ति शुरू करना है। मंत्रियों का कहना है कि मौजूदा गैस संसाधन ऊर्जा बदलाव में सहायक हो सकते हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता सवाल करते हैं कि अतिरिक्त उत्पादन देश की जलवायु प्रतिबद्धताओं से मेल खाता है या नहीं।
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