ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने 3 नवंबर को चेतावनी दी कि 2028 तक देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर एआई आधारित दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर से रैनसमवेयर हमले की प्रबल संभावना है। केंद्र और रॉयटर्स के अनुसार, वार्षिक समीक्षा के साथ आए इस आकलन में सुरक्षा में तत्काल निवेश का आग्रह है।
केंद्र के प्रमुख रिचर्ड हॉर्न ने कहा कि पुरानी कमजोरियां अब बहुत बड़े पैमाने पर खोजी और इस्तेमाल की जा सकती हैं। रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने चेताया कि वर्षों से कम निवेश ने संगठनों और आपूर्ति शृंखलाओं को असुरक्षित बनाया है। केंद्र ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी जीसीएचक्यू का हिस्सा है।
समीक्षा के अनुसार, एआई मुख्यतः मौजूदा आक्रमण तरीकों को तेज करेगा। उसके परिणामों को निर्देशित करने, जांचने और बदलने में मानव संचालकों की भूमिका बनी रहने की उम्मीद है; कुशल हमलावरों को सबसे अधिक लाभ होगा। सॉफ्टवेयर की खामियां तेजी से मिलने पर रक्षकों पर अपराधियों से पहले सुधार लागू करने का दबाव बढ़ेगा।
यूरोपीय सुपरमार्केट की प्रशीतन प्रणालियों पर हालिया हमले असुरक्षित तकनीक के भौतिक परिणाम दिखाते हैं। हॉर्न ने एपी को बताया कि ब्रिटेन भी प्रभावित हुआ। फ्रांसीसी प्रणालियों में पुरानी तकनीक, डिफॉल्ट पासवर्ड और सीधे इंटरनेट कनेक्शन थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये एआई हमले नहीं थे।
समीक्षा का अलग खंड एक निराशावादी परिदृश्य बताता है जिसमें रक्षा संबंधी सुधार तकनीकी बदलाव से पीछे रह जाते हैं। केंद्र स्पष्ट करता है कि यह संभावित भविष्य है, भविष्यवाणी नहीं। इसमें उन्नत एआई तक व्यापक पहुंच से हमले बढ़ने और जिम्मेदारी तय करना कठिन होने की संभावना पर विचार है।
केंद्र रक्षा के लिए एआई अपनाने वाले संगठनों और पुरानी प्रणालियों तथा सीमित संसाधनों से बाधित संस्थाओं के बीच बढ़ती खाई की अपेक्षा करता है। एपी के अनुसार, वह उपकरण अद्यतन, सीमित प्रशासक पहुंच और बैकअप जैसे बुनियादी उपाय सुझाता है। हॉर्न ने सेवाओं और आजीविका की रक्षा के लिए कार्रवाई मांगी।
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