नीदरलैंड के एक बड़े प्रयोग में नमकीन दलदलों की मिट्टी ने अत्यधिक तेज लहरों को सहा, लेकिन पौधों को हुए नुकसान से लहरें कमजोर करने की उनकी क्षमता घटी। नेचर पोर्टफोलियो ने 22 अक्टूबर को यह जानकारी दी। नेचर में 21 अक्टूबर को प्रकाशित नतीजे बताते हैं कि ये तटीय पारिस्थितिकी तंत्र कहाँ तूफानों से सबसे अधिक सुरक्षा दे सकते हैं।
पिम विलेमसेन और उनके सहयोगियों ने डेल्फ्ट के डेल्टा फ्लूम तरंग चैनल में 306 वर्ग मीटर दलदली भूमि और पौधे स्थापित किए। डेल्टारेस के अनुसार, ये साबुत हिस्से वाडेन सागर के फ्रीजियन तट पर स्थित पीजेमरलेनन संरक्षित क्षेत्र से लाए गए थे। प्रयोग में जाँचा गया कि प्राकृतिक दलदली सतह और वनस्पति क्या कठिन लहर परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा भूमिका कायम रख सकती हैं।
दो मीटर तक ऊँची लहरों के 21 घंटे के प्रभाव के बाद सतह का औसत कटाव केवल सात मिलीमीटर था। डेल्टारेस के अनुसार, दलदल की ऊँची जमीन खुद लहरों को धीमा करती है और पौधे अतिरिक्त असर डालते हैं। 75 सेंटीमीटर की लहरों में वनस्पति ने 6–22% अतिरिक्त कमी की; दो मीटर की लहरों में उसका योगदान अधिकतम 6% रहा। इससे स्पष्ट होता है कि लहरों के आकार के साथ सुरक्षा बदलती है।
नेचर पोर्टफोलियो के मुताबिक, उसके बताए प्रयोग में 21 घंटे बाद जमीन के ऊपर का पौध जैवभार शुरुआती मात्रा के 20–25% तक रह गया और तनों की लंबाई 47% घटी। शोधकर्ताओं ने प्रयोग के नतीजों को तूफानी समुद्री उभार, तटीय ऊँचाई और दलदलों के वितरण के वैश्विक आँकड़ों से भी जोड़ा। विश्लेषण बताता है कि कम ऊर्जा वाले दलदली तटों पर, जहाँ लहरें एक मीटर तक होती हैं, पौधे लहरों को 10% से अधिक और अधिकतम 50% तक कम कर सकते हैं। ये अलग-अलग तटीय परिस्थितियों के अनुमान हैं, हर तट के लिए एक समान नतीजा नहीं।
इसलिए शोधकर्ता कम लहर ऊर्जा वाले क्षेत्रों में संरक्षण और बहाली को विशेष रूप से उपयोगी मानते हैं। डेल्टारेस के अनुसार, अधिक खुले तटों पर दलदल आने वाली लहरों को घटाकर समुद्री दीवारों या तटबंधों का साथ दे सकते हैं। नतीजे प्राकृतिक और इंजीनियरिंग सुरक्षा को मिलाने के स्थान चुनने में मदद करते हैं। साथ ही वे दिखाते हैं कि मिट्टी का बचे रहना भर पौधों की पूरी सुरक्षा क्षमता कायम रहने का संकेत नहीं है।
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