गैर-संचारी बीमारियों वाले लगभग हर छह में से एक व्यक्ति को देखभाल के दौरान ऐसा नुकसान होता है जिसे टाला जा सकता है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने 16 सितंबर को जिनेवा में संगठन के नए विश्लेषण का हवाला देकर यह जानकारी दी। चेतावनी 17 सितंबर के विश्व रोगी सुरक्षा दिवस से पहले आई, जो इस वर्ष इन रोगों की सुरक्षित देखभाल पर केंद्रित है।
डब्ल्यूएचओ के अभियान में हृदय और रक्तवाहिका रोग, कैंसर, मधुमेह तथा श्वसन संबंधी दीर्घकालिक रोग शामिल हैं। ये सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करते हैं और अक्सर जीवनभर देखभाल मांगते हैं। संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं से बार-बार संपर्क और कई पुरानी बीमारियां साथ होने से समय के साथ सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं।
टेड्रोस ने कहा कि देर से निदान, गलत दवाएं, असुरक्षित प्रक्रियाएं और संवाद की कमी जानलेवा हो सकती हैं। उनके अनुसार, आबादी की उम्र बढ़ने और अधिक लोगों के पुरानी बीमारियों के साथ लंबे समय तक जीवित रहने के कारण पूरी देखभाल के दौरान मरीजों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने नया अनुमान किसी भी कारण से देखभाल पाने वाले लोगों में नुकसान की अनुमानित दर का लगभग तीन गुना बताया। अलग से, डब्ल्यूएचओ का अभियान हर दस में एक मरीज को नुकसान और लगभग आधे नुकसान को टालने योग्य बताता है। ब्रीफिंग में नए विश्लेषण की विधि या अध्ययन की आबादी का विवरण नहीं था, जिससे आंकड़ों की सीधी तुलना सीमित होती है।
जॉइंट कमीशन इंटरनेशनल भी अभियान का समर्थन करता है और पूरे उपचार में बेहतर समन्वय तथा टालने योग्य नुकसान घटाने पर जोर देता है। उसकी सामग्री के अनुसार, पुरानी बीमारियां दुनिया में अरबों लोगों को प्रभावित करती हैं और स्वास्थ्य प्रणालियों से लगातार संपर्क मांगती हैं। इसलिए सुरक्षा संस्थानों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और देखभाल करने वालों की साझा जिम्मेदारी है।
डब्ल्यूएचओ रोकथाम और शुरुआती निदान से उपचार, लंबे प्रबंधन और स्व-देखभाल तक सुरक्षा उपाय चाहता है। अभियान मजबूत प्राथमिक देखभाल, स्वास्थ्यकर्मियों के समर्थन और मरीजों की सार्थक भागीदारी पर जोर देता है। टेड्रोस ने सरकारों, स्वास्थ्य नेतृत्व और नागरिक समाज से सुरक्षित देखभाल को नियमित व्यवहार बनाने में मदद की अपील की।
टिप्पणियाँ