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डब्ल्यूएचओ ने यमन की स्वास्थ्य व्यवस्था के चरमराने की चेतावनी दी

प्रकाशित 30 सितंबर 2026 0 दृश्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार, 29 सितंबर को चेतावनी दी कि यमन में फिर तेज हुई लड़ाई देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमराने की स्थिति में पहुंचा रही है। अस्पताल अधिक घायलों का इलाज कर रहे हैं, जबकि विस्थापन और आश्रय स्थलों पर भीड़ संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा रही है। संगठन ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में यह जानकारी दी।

डब्ल्यूएचओ द्वारा उद्धृत अदन स्थित यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 6 अगस्त से संघर्ष बढ़ने के बाद 4,481 लोग हताहत हुए हैं, जिनमें 838 लोगों की मौत हुई है। संगठन ने कहा कि नौ स्वास्थ्य केंद्र या उनसे जुड़ी सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं, बंद हुईं या हमलों की चपेट में आईं। दो अस्पतालों में आपात प्रसूति और नवजात शिशु सेवाएं रोक दी गई हैं, क्योंकि कर्मचारियों और संसाधनों को घायलों के इलाज में लगाया गया है।

यह चेतावनी ऐसे देश के लिए है जहां वर्षों के संघर्ष ने चिकित्सा सेवाओं को पहले ही कमजोर कर दिया था। संगठन के मुताबिक हालिया लड़ाई से पहले भी केवल लगभग 60 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह काम कर रहे थे। विस्थापित परिवारों को माताओं और बच्चों की देखभाल, पोषण सहायता, टीकाकरण तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। दवाओं की कमी और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच की कठिनाई इन सेवाओं को उपलब्ध कराना और मुश्किल बना रही है।

बीमारियों की निगरानी के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। डब्ल्यूएचओ ने इस वर्ष खसरे के 22,000 से अधिक संदिग्ध मामलों और उससे जुड़ी 128 मौतों की जानकारी दी। इसके अलावा हैजे के 7,784 संदिग्ध मामले और 22 मौतें तथा डेंगू के 9,604 मामले और 37 मौतें दर्ज की गई हैं। संगठन ने कहा कि भीड़, साफ पानी की कमी और खराब स्वच्छता हैजे का प्रसार तेज कर सकते हैं। उसने यह नहीं कहा कि मौजूदा हैजा प्रकोप हाल की लड़ाई से शुरू हुआ।

संगठन के अनुसार, 10 सितंबर से 3,600 से अधिक यमनी लोग जिबूती पहुंचे हैं और उनमें लगभग आधे बच्चे हैं। उसने दस प्रांतों के 40 स्वास्थ्य केंद्रों और कार्यालयों को 59.3 टन चिकित्सा सामग्री भेजी है तथा 20 से अधिक चलित चिकित्सा दल तैनात किए हैं। फिर भी अदन के उसके गोदाम में चोटों के इलाज की सामग्री और आवश्यक दवाओं सहित कुछ महत्वपूर्ण सामान खत्म हो गया है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि आपात प्रतिक्रिया के लिए जरूरी 90 लाख डॉलर में से केवल 20 लाख डॉलर उपलब्ध हुए हैं। संगठन और उसके साझेदार इलाज जारी रखने, नियमित देखभाल तक पहुंच बहाल करने तथा रोग निगरानी, टीकाकरण और जल सेवाओं को मजबूत करने के लिए और धन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने अलग स्रोतों और समय अवधियों के कारण विस्थापितों की कम संख्या बताई है।

स्रोत: World Health Organization, United Nations Office at Geneva, United Nations News, Associated Press, Anadolu Agency

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