अल्फाबेट ने बुधवार को अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता नेतृत्व में बड़े बदलाव की घोषणा की। गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक डेमिस हासाबिस को मूल कंपनी का मुख्य वैज्ञानिक और डीपमाइंड का अध्यक्ष बनाया गया है। कोरे कावुकचुओग्लू वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में प्रयोगशाला के दैनिक कामकाज की कमान संभालेंगे, जबकि प्रमुख शोधकर्ता जेफ डीन और संजय गेमावत गूगल छोड़कर कंपनी के समर्थन से एक स्वतंत्र अनुसंधान संस्था स्थापित करेंगे।
नई व्यवस्था वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा के महत्वपूर्ण दौर में वैज्ञानिक रणनीति को उत्पाद संचालन से अलग करती है। अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी सुंदर पिचाई ने कहा कि कावुकचुओग्लू जेमिनी मॉडल विकास, अग्रणी एआई अनुसंधान, जेमिनी ऐप और डेवलपर टीमों की निगरानी करेंगे। हासाबिस इन समूहों को सलाह देते रहेंगे, एआई आधारित दवा खोज कंपनी आइसोमॉर्फिक लैब्स का नेतृत्व जारी रखेंगे और पूरे अल्फाबेट में सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा विज्ञान पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
गूगल के अनुसार जेमिनी ऐप के मासिक उपयोगकर्ता 95 करोड़ से अधिक हैं और जेमा मॉडलों के डाउनलोड 90 करोड़ पार कर चुके हैं। कंपनी ने जेमिनी फ्लैश की मांग, सक्रिय साइबर सुरक्षा मॉडल, रोबोटिक्स में हाल की प्रगति और जेमिनी 4 समेत आगामी प्रस्तुतियों को भी अपनी गति का प्रमाण बताया। हासाबिस ने कहा कि वह संचालन संबंधी जिम्मेदारियां इसलिए सौंप रहे हैं क्योंकि उनके विचार में एआई ऐसे निर्णायक चरण में पहुंच गया है जहां दीर्घकालीन वैज्ञानिक और सामाजिक प्रश्नों पर अधिक ध्यान जरूरी है।
डीन और गेमावत का एक साथ जाना इस बदलाव को और महत्वपूर्ण बनाता है। डीन 27 वर्ष पहले गूगल से जुड़े थे और उन्होंने गेमावत के साथ शुरुआती खोज बुनियादी ढांचे तथा उन न्यूरल नेटवर्क प्रणालियों के निर्माण में योगदान दिया जिन्होंने आधुनिक एआई युग को आकार दिया। गूगल उनकी नई जनहित कंपनी में संस्थापक निवेशक और क्लाउड भागीदार रहेगा। संस्था मशीन लर्निंग, विज्ञान और इंजीनियरिंग में खोज को तेज करेगी। एक्सियोस ने इसका नाम डिस्कवरी लूप बताया और कहा कि डीपमाइंड के ओरियोल विन्याल्स तथा क्वोक ले भी इससे जुड़ेंगे।
पुनर्गठन विदा हो रहे वैज्ञानिकों को अल्फाबेट से जोड़े रखता है और कावुकचुओग्लू को उत्पादों तथा मॉडल आपूर्ति की स्पष्ट जिम्मेदारी देता है। वह 13 वर्षों से डीपमाइंड में हैं, उन्होंने वहां डीप लर्निंग टीम शुरू की और गूगल के अनुसार वेवनेट तथा डीक्यूएन जैसी प्रणालियों में योगदान किया। हासाबिस के अल्फाफोल्ड अनुसंधान ने उन्हें 2024 का रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार दिलाने में योगदान दिया था। अब वह वैज्ञानिक उपयोगों और गंभीर बीमारियों से जुड़े आइसोमॉर्फिक लैब्स के काम पर अधिक समय देंगे।
गूगल ने इन बदलावों को व्यावसायिक एआई विकास और दीर्घकालीन अनुसंधान दोनों तेज करने का तरीका बताया है। नई व्यवस्था की पहली परीक्षा जेमिनी की समय-सारिणी बनाए रखना, कई वरिष्ठ लोगों के जाने के बाद शोध की निरंतरता बचाना और अल्फाबेट के विशाल कंप्यूटिंग संसाधनों तथा उपयोगकर्ता आधार को टिकाऊ प्रगति में बदलना होगी। कावुकचुओग्लू सीधे पिचाई को रिपोर्ट करेंगे, जबकि हासाबिस उन्नत एआई से जुड़े रणनीतिक और वैश्विक प्रश्नों पर कंपनी नेतृत्व को सलाह देंगे।
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