एशियाई रिफाइनरियों ने नवंबर में आपूर्ति के लिए अमेरिकी कच्चे तेल की नई खेपें हासिल की हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने जोखिम दक्षिण कोरिया, जापान और ताइवान के बड़े खरीदारों को आपूर्ति के स्रोत बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। रॉयटर्स ने रविवार को व्यापार सूत्रों के हवाले से बताया कि घोषित खरीद कम से कम 60 लाख बैरल है, जबकि जापान की एक अतिरिक्त खरीद की मात्रा नहीं बताई गई।
सूत्रों के अनुसार दक्षिण कोरिया की जीएस कैलटेक्स ने शेल से 20 लाख बैरल मार्स कच्चा तेल खरीदा। इसकी कीमत अक्टूबर के दुबई मानक से लगभग 13 से 14 डॉलर प्रति बैरल अधिक थी। जापान की कॉस्मो एनर्जी ने भी जिंस कारोबारी ट्राफिगुरा से मार्स तेल खरीदा, हालांकि रॉयटर्स ने मात्रा या कीमत नहीं बताई। मार्स अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी क्षेत्र में उत्पादित मध्यम और अधिक सल्फर वाला तेल है।
जापान की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी एनेओस ने ट्राफिगुरा से 20 लाख बैरल वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट खरीदा, जिसका प्रीमियम अक्टूबर डब्ल्यूटीआई मूल्य से 10 डॉलर प्रति बैरल से अधिक था। ताइवान की सरकारी सीपीसी ने निविदा के जरिए 20 लाख बैरल डब्ल्यूटीआई खरीदा और दिनांकित ब्रेंट से लगभग 8 से 9 डॉलर अधिक चुकाए। कंपनियों ने व्यापार सूत्रों द्वारा बताए गए सभी अनुबंध विवरण सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं किए थे।
ये सौदे उस बदलाव को आगे बढ़ाते हैं जो हॉर्मुज के आसपास व्यवधान से खाड़ी की पारंपरिक आपूर्ति कठिन होने पर शुरू हुआ था। एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी के अनुसार दक्षिण कोरिया 2025 में 17.49 करोड़ बैरल के साथ एशिया में अमेरिकी तेल का सबसे बड़ा खरीदार था। जापान ने उसी वर्ष 3.79 करोड़ बैरल हल्का और कम सल्फर वाला अमेरिकी तेल आयात किया, जो 2024 की मात्रा से लगभग दोगुना था।
प्रीमियम दिखाते हैं कि सुरक्षा और उपलब्धता अमेरिका के खाड़ी तट से लंबी यात्रा की लागत पर भारी पड़ सकती है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार दक्षिण कोरिया ने पिछले साल अपना 60 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल हॉर्मुज के रास्ते पाया। वैकल्पिक खेपें रिफाइनरी संचालन और पेट्रोल, डीजल तथा पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं। अटलांटिक तेल की प्रतिस्पर्धा अमेरिकी निर्यातकों को लाभ दे सकती है, लेकिन एशियाई खरीदारों की खरीद और माल ढुलाई लागत बढ़ा सकती है।
बाजार अब समुद्री सुरक्षा, युद्ध-जोखिम बीमा और नवंबर तेल के मूल्य अंतर पर नजर रखेगा ताकि पता चले कि यह व्यापार प्रवाह में स्थायी बदलाव है या नहीं। अमेरिकी तेल की ओर एशिया का लगातार झुकाव अटलांटिक आपूर्ति को सीमित कर सकता है, जबकि खाड़ी से सुरक्षित और भरोसेमंद ढुलाई मध्य पूर्वी उत्पादकों को बाजार हिस्सेदारी वापस दिला सकती है। अंतिम कीमत और आपूर्ति कार्यक्रम व्यावसायिक तथा परिवहन परिस्थितियों पर निर्भर रहेंगे।
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