ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार 3 अगस्त को पेट्रोल और डीजल पर पूर्ण उत्पाद शुल्क बहाल कर दिया। प्रति लीटर 16 ऑस्ट्रेलियाई सेंट की अस्थायी छूट आधी रात को समाप्त हो गई। संघीय दिशानिर्देशों के अनुसार इससे थोक ईंधन में कर का हिस्सा संघर्ष से पहले के 52.6 सेंट प्रति लीटर के स्तर पर लौट गया है, जिससे वाहन चालकों, माल ढुलाई कंपनियों और सड़क परिवहन पर निर्भर व्यवसायों पर नई लागत का दबाव पड़ेगा।
सरकार ने मध्य पूर्व के संघर्ष से ऊर्जा बाजारों में आए व्यवधान के बाद अप्रैल में बड़ी अस्थायी कटौती शुरू की थी। इसके बाद 1 जुलाई से 2 अगस्त तक 16 सेंट की छोटी छूट जारी रखी गई। प्रधानमंत्री विभाग ने कहा कि आपूर्ति सुधरने के दौरान इस अंतिम विस्तार का उद्देश्य सामान्य व्यवस्था में धीरे-धीरे वापसी करना था। भारी वाहनों के सड़क उपयोग शुल्क में समान 16 सेंट की कटौती भी अब समाप्त हो गई है।
पंप पर तत्काल असर अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि ईंधन स्टेशन थोक लागत, मौजूदा भंडार और स्थानीय मूल्य चक्रों के आधार पर कीमत तय करते हैं। कारसेल्स के अनुसार केवल कर बदलाव से सोमवार से सामान्य पेट्रोल में सैद्धांतिक रूप से 16 सेंट प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है। एसबीएस और एबीसी ने छूट खत्म होने से पहले बताया था कि थोक लागत पहले ही बढ़ चुकी है, इसलिए चालकों को एक समान रातोंरात बढ़ोतरी के बजाय बहाल कर और व्यापक बाजार दबाव दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि शुरुआती झटके की तुलना में वास्तविक आपूर्ति मजबूत है। एबीसी ने संघीय आंकड़ों के आधार पर बताया कि 6.2 अरब लीटर ईंधन भंडार में है और 51 जहाज अगले महीने में आपूर्ति के लिए 3.1 अरब लीटर और ला रहे हैं। एसबीएस द्वारा उद्धृत सरकारी आंकड़ों में पेट्रोल का 42 दिन, डीजल का 38 दिन और विमान ईंधन का 32 दिन का भंडार बताया गया है। इससे तत्काल कमी का जोखिम घटता है, हालांकि कीमतें वैश्विक तेल बाजार से प्रभावित रहेंगी।
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा एवं उपभोक्ता आयोग खुदरा कीमतों और पिछली कर राहत के उपभोक्ताओं तक पहुंचने की निगरानी कर रहा है। आयोग के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिष्कृत उत्पाद लागत, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, कर, वितरण खर्च और खुदरा मार्जिन अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। महंगा डीजल माल ढुलाई बिलों के जरिए किराने और दूसरी वस्तुओं की कीमतों में भी पहुंच सकता है, इसलिए छूट का अंत केवल पेट्रोल स्टेशन पर घरेलू खर्च तक सीमित नहीं है।
व्यवसाय और उपभोक्ता अब देखेंगे कि थोक और खुदरा विक्रेता बहाल शुल्क को कितनी जल्दी कीमतों में जोड़ते हैं और ऊर्जा बाजार की अस्थिरता क्या और वृद्धि लाती है। सरकार ने राहत को अस्थायी बताया है और मजबूत भंडार की ओर इशारा किया है, जबकि मूल्य निगरानी असामान्य बदलावों की जांच का आधार देगी। अगला चरण बताएगा कि बेहतर आपूर्ति परिवहन पर निर्भर क्षेत्रों के लिए कर सहायता खत्म होने की भरपाई कर पाती है या नहीं।
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