अमेरिकी सीनेट ने 15 सितंबर 2026 को वाशिंगटन में क्लैरिटी विधेयक को आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे संघीय नियामक ढाँचे के लिए क्रिप्टोकरेंसी उद्योग के प्रयासों में देरी हुई। सीनेट का रिकॉर्ड पुष्टि करता है कि विधेयक पर विचार शुरू करने से जुड़ी बहस समाप्त करने का प्रस्ताव विफल रहा। कंपनियाँ अब भी डिजिटल परिसंपत्तियों की निगरानी स्पष्ट करने वाले कानून की प्रतीक्षा में हैं।
इस प्रक्रियागत प्रस्ताव को सफल होने के लिए 60 मत चाहिए थे। एसोसिएटेड प्रेस और एक्सियोस के अनुसार पक्ष में 49 और विरोध में 50 मत पड़े। मतदान प्रस्ताव पर विचार आगे बढ़ाने के बारे में था, उसे अंतिम रूप से पारित करने के लिए नहीं। इसलिए विधेयक अभी विधायी प्रक्रिया के उस बाद के चरण से पहले ही अटका हुआ है।
सीनेट द्वारा दिए गए एच.आर. 3633 के विवरण के अनुसार, प्रस्ताव डिजिटल कमोडिटी के नियमन में प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग और कमोडिटी वायदा कारोबार आयोग की भूमिकाओं वाला तंत्र बनाता है। एक्सियोस ने बताया कि यह ढाँचा लगभग 2.3 लाख करोड़ डॉलर के बाजार में परिसंपत्तियों के निर्गम, कारोबार और निवेशकों को बिक्री के नियम तय करेगा।
विवाद नैतिक सुरक्षा प्रावधानों पर केंद्रित था। एपी के अनुसार डेमोक्रेट अधिक सख्त प्रवर्तन और तय मूल्य से अधिक की संपत्ति होने पर राष्ट्रपतियों के लिए उसे बेचने की अनिवार्यता चाहते थे। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने 15 सितंबर के भाषण में नियमन जरूरी बताया, लेकिन कहा कि प्रस्ताव उद्योग के हितों को तरजीह देता है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आर्थिक लाभ पहुँचा सकता है।
समर्थकों ने विधेयक को उपभोक्ता संरक्षण और कंपनियों के लिए अधिक निश्चितता का रास्ता बताया। फॉक्स बिजनेस के साक्षात्कार पर 15 सितंबर के बयान में सीनेट बैंकिंग समिति के अध्यक्ष टिम स्कॉट ने प्रक्रियागत मतदान को बातचीत जारी रखने का अवसर कहा। उनकी समिति के अनुसार उन्होंने वित्तीय संसाधनों तक पहुँच और अमेरिकी डिजिटल परिसंपत्ति बाजारों के विकास पर भी जोर दिया।
एपी के अनुसार कुछ डेमोक्रेट बातचीत के लिए तैयार रहे, जबकि व्हाइट हाउस ने अपने क्रिप्टो कार्यक्रम के कुछ हिस्सों के लिए एजेंसियों का सहारा लेने का संकेत दिया। एक्सियोस ने कहा कि एजेंसियों की नीतियाँ बदल सकती हैं, जबकि कानून अधिक टिकाऊ ढाँचा देता है। नवंबर के मध्यावधि चुनाव करीब आने के बीच अगले विधायी प्रयास का समय अनिश्चित है।
टिप्पणियाँ