यूरोपीय संघ, ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने नूक में एक नई राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही यूरोपीय संघ ने 2026 और 2027 के दौरान ग्रीनलैंड की परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ यूरो देने की प्रतिबद्धता जताई। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने सोमवार को ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री येन्स-फ्रेडरिक नीलसन और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ ग्लोबल गेटवे पैकेज की घोषणा की। यह समझौता आर्कटिक क्षेत्र की संप्रभुता पर बढ़ते दबाव के बीच संबंधों का बड़ा विस्तार है।
यूरोपीय आयोग ने कहा कि यह पैकेज उपग्रह और केबल संपर्क, जलविद्युत, महत्वपूर्ण कच्चे खनिज, शिक्षा और मत्स्य क्षेत्र को सहायता देगा। आवास, टिकाऊ पर्यटन और छोटे व्यवसायों के समर्थन को भी दैनिक जीवन और आर्थिक मजबूती सुधारने वाले क्षेत्रों में रखा गया है। तीनों सरकारों के अनुसार, उनकी संयुक्त घोषणा निवेश समन्वय, राजनीतिक संवाद और लोगों के बीच आदान-प्रदान को मजबूत करेगी।
समझौते का व्यापक भू-राजनीतिक संदेश भी है। ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य के भीतर स्वशासित क्षेत्र है, जबकि डेनमार्क यूरोपीय संघ और नाटो दोनों का सदस्य है। ग्रीनलैंड ने 1985 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय छोड़ा था, लेकिन वहां के लोगों को डेनमार्क के माध्यम से यूरोपीय नागरिकता मिलती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि सुरक्षा कारणों से वॉशिंगटन को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करना चाहिए। नूक और कोपेनहेगन की सरकारें इस दावे को खारिज करती हैं।
फॉन डेर लेयेन ने कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य का निर्णय ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों को करना है। उन्होंने इसे संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सीमाओं की अक्षुण्णता के अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों से जोड़ा। नीलसन ने यूरोपीय संघ को उन चुनौतियों के समय भरोसेमंद साझेदार बताया जिन्हें ग्रीनलैंड अकेले हल नहीं कर सकता। फ्रेडरिक्सन ने दबाव का सामना करने की बात स्वीकार की और यूरोपीय साझेदारों के समर्थन का स्वागत किया। ये बातें आधिकारिक विवरणों और अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों में दर्ज हैं।
आयोग ने मौजूदा सात वर्षीय यूरोपीय बजट में ग्रीनलैंड के लिए 22.5 करोड़ यूरो की सहायता को 2028 से 2034 के लिए लगभग 53 करोड़ यूरो तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया है। रॉयटर्स के अनुसार बर्फ पिघलने से समुद्री मार्ग खुल रहे हैं और खनिज संसाधनों तक पहुंच आसान हो रही है, जिससे यूरोप, अमेरिका, रूस और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इस कारण यह पैकेज विकास कार्यक्रम होने के साथ आर्कटिक में स्थायी यूरोपीय भूमिका मजबूत करने का प्रयास भी है।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार यह घोषणा ग्रीनलैंड में आर्कटिक शील्ड अभ्यास शुरू होने के साथ हुई, जिसमें नाटो के 11 देशों के लगभग 400 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। अभ्यास 7 से 18 सितंबर तक चलेगा और इसमें अमेरिकी सैनिक शामिल नहीं हैं। आयोग आने वाले महीनों में यूरोपीय संघ की नई आर्कटिक रणनीति पेश करेगा। इस बीच अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की बातचीत जारी है, लेकिन उनके विवाद पर किसी समझौते की सूचना नहीं है।
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