कैरोलिन्स्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा नेचर मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित एक ऐतिहासिक नैदानिक परीक्षण ने यह प्रमाणित किया है कि जीन थेरेपी का एक ही इंजेक्शन जन्म से बहरे मरीज़ों में सुनने की शक्ति को बहाल कर सकता है। इस अध्ययन में एडीनो-असोसिएटेड वायरस (AAV) वेक्टर का उपयोग करके OTOF जीन की एक कार्यशील प्रति को सीधे दस मरीज़ों के आंतरिक कान में पहुँचाया गया, जो इस महत्वपूर्ण जीन में उत्परिवर्तन के कारण वंशानुगत बहरेपन से पीड़ित थे।
परिणाम असाधारण रहे हैं। परीक्षण में शामिल सभी दस मरीज़ों ने उपचार के बाद अपनी सुनने की क्षमता में मापने योग्य सुधार दिखाया। औसतन, सुनने की सीमा छह महीनों में 106 डेसिबल से सुधरकर 52 डेसिबल हो गई। सुधार का यह स्तर एक परिवर्तनकारी बदलाव को दर्शाता है, जिसमें मरीज़ अधिकांश ध्वनियों को न सुन पाने से बातचीत करने और आसपास की ध्वनि दुनिया से जुड़ने में सक्षम हो गए।
अध्ययन का सबसे उल्लेखनीय मामला सात वर्ष की एक बच्ची का था, जिसने इंजेक्शन प्राप्त करने के केवल चार महीनों में लगभग पूरी सुनने की शक्ति वापस पा ली। उसकी तेज़ और नाटकीय रिकवरी जन्मजात बहरेपन से जूझ रहे परिवारों के लिए आशा का प्रतीक बन गई। उपचार से पहले, वह संवाद के लिए पूरी तरह से दृश्य संकेतों और सांकेतिक भाषा पर निर्भर थी। उपचार के बाद, उसने बोले गए शब्दों पर प्रतिक्रिया देना शुरू किया और तेज़ी से भाषाई कौशल विकसित करने लगी।
यह थेरेपी एडीनो-असोसिएटेड वायरस की शक्ति का उपयोग करती है, जो छोटे, गैर-रोगजनक वायरस हैं जो आमतौर पर जीन थेरेपी में उपयोग किए जाते हैं क्योंकि ये बीमारी पैदा किए बिना आनुवंशिक सामग्री को कोशिकाओं में पहुँचा सकते हैं। AAV वेक्टर OTOF जीन की एक सही प्रति ले जाता है, जो ओटोफेरलिन प्रोटीन को कोड करता है – यह प्रोटीन आंतरिक कान की श्रवण कोशिकाओं से श्रवण तंत्रिका तक ध्वनि संकेतों को प्रेषित करने के लिए आवश्यक है।
परीक्षण का सबसे उत्साहजनक पहलू इसका सुरक्षा प्रोफ़ाइल था। पूरे अध्ययन अवधि के दौरान दस में से किसी भी मरीज़ में कोई गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं देखी गई। इंजेक्शन स्थल पर हल्की अस्थायी सूजन सबसे आम देखा गया दुष्प्रभाव था, जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो गया। यह अनुकूल सुरक्षा रिकॉर्ड इस थेरेपी के भविष्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस शोध के प्रभाव इन दस मरीज़ों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। OTOF जीन में उत्परिवर्तन दुनिया भर में वंशानुगत बहरेपन के मामलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि इस थेरेपी को बड़े पैमाने पर लाया जा सके और व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जा सके, तो यह हर साल इस स्थिति के साथ पैदा होने वाले हज़ारों बच्चों का जीवन बदल सकती है। कैरोलिन्स्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता पहले से ही अधिक मरीज़ों और आनुवंशिक बहरेपन के अतिरिक्त प्रकारों को शामिल करते हुए विस्तारित परीक्षणों की योजना बना रहे हैं।
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