इंडोनेशिया जकार्ता में 20,000 से अधिक सैनिक और अन्य कर्मी तैनात कर रहा है। अधिकारियों ने चार नवंबर को यह जानकारी दी, जबकि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की कथित अवैध निगरानी की जांच जारी है। एसोसिएटेड प्रेस ने तैनाती और तीन वरिष्ठ पुलिस जनरलों की हिरासत की खबर दी। डॉयचे वेले के अनुसार, अधिकारियों ने सैन्य गतिविधियों को आधिकारिक तौर पर जांच से नहीं जोड़ा है।
राष्ट्रपति भवन ने बुधवार को पुष्टि की कि प्रबोवो ने अपने स्टाफ प्रमुख लिस्त्यो सिगित प्रबोवो को बर्खास्त कर दिया है। एपी के अनुसार, पूर्व राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ने पिछले महीने राष्ट्रपति कार्यालय का यह पद संभाला था। कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि राष्ट्रपति ने उसी सुबह बर्खास्तगी पर हस्ताक्षर किए और लेफ्टिनेंट जनरल आर्यो विंदुतोमो को कार्यवाहक स्टाफ प्रमुख नियुक्त किया।
एपी के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि संदिग्धों ने 2025 और 2026 में बिना अनुमति राष्ट्रपति तथा अन्य सार्वजनिक हस्तियों के संचार को इंटरसेप्ट किया। कथित निशानों में पत्रकार, राजनेता और कारोबारी शामिल थे। डॉयचे वेले ने बताया कि सरकार अभी उद्देश्य का पता नहीं लगा पाई थी और संदिग्धों ने आरोपों पर सार्वजनिक जवाब नहीं दिया था।
डॉयचे वेले के अनुसार, सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल मुहम्मद नास ने सैनिकों की आवाजाही को राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने का नियमित उपाय बताया। निगरानी मामले से किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण तैनाती और गिरफ्तारियों का रिश्ता अस्पष्ट है। हिरासत में लिए गए अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच अभी जारी है।
कैबिनेट सचिवालय के अनुसार, राज्य सचिव प्रसेत्यो हादी ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियां राष्ट्रीय हितों और देश के नेतृत्व की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं। उन्होंने इन्हें संभावित रूप से राजद्रोह की दिशा में जाने वाला बताया, किसी अदालत का निष्कर्ष नहीं सुनाया। सरकार ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के दौरान सार्वजनिक सेवाएं चालू रखने के लिए पुलिस प्रमुख से समन्वय किया गया है।
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