ईरान ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने के लिए व्यापक नई शर्तें रखीं और कहा कि सामान्य जहाजरानी बहाल होने से पहले अमेरिका को अपना आचरण बदलना होगा। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि ईरानी मिसाइल ने सरकारी ऊर्जा कंपनी एडीएनओसी के स्वामित्व वाले पोत को निशाना बनाया। इन घटनाओं ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक पर जारी वार्ता को और अनिश्चित बना दिया है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मांग की कि वाशिंगटन ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों के साथ युद्ध स्थायी रूप से समाप्त करे, देश को धमकाना बंद करे, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी हटाए और क्षेत्र से अमेरिकी सेना वापस बुलाए। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित बयान में युद्ध से हुई क्षति का पूरा मुआवजा, प्रतिबंध हटाने और जब्त ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त मुक्त करने की मांग भी की गई। अमेरिका ने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अलग से कहा कि ईरान और ओमान जहाजरानी, विशेषकर पोतों के लिए पारगमन मार्ग तय करने पर समझौते के करीब हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मार्ग पर सहमति से जलडमरूमध्य नहीं खुलेगा। मध्यस्थता कर रहे ओमान ने शनिवार को कहा कि बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण में चल रही है और उसने जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की निंदा की।
जून के अंतरिम समझौते में अंतिम समाधान के तहत प्रतिबंधों में राहत की समय-सारणी और मुआवजे तथा जब्त संपत्तियों पर चर्चा का प्रावधान था। इसकी 60 दिन की वार्ता अवधि करीब एक सप्ताह बाद समाप्त होगी, हालांकि इसे बढ़ाया जा सकता है। ईरान और ओमान इस जलडमरूमध्य के तट पर स्थित हैं, जिसे युद्ध से पहले अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता था, लेकिन विवाद के कारण जहाजों की आवाजाही बहुत कम है।
अमीराती विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने शनिवार तड़के जलडमरूमध्य पार कर रहे एडीएनओसी के पोत पर मिसाइल दागी। कंपनी ने किसी के हताहत न होने की पुष्टि की, लेकिन क्षति या सटीक स्थान नहीं बताया। उसके अनुसार फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद से उसके 12 से अधिक पोत मिसाइल या ड्रोन हमलों का सामना कर चुके हैं, जिनमें एक चालक दल सदस्य मारा गया और 20 घायल हुए।
ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने बाद में बताया कि ओमान के खासाब के पूर्व में एक पोत पर प्रक्षेप्य लगा और आग लगी, जिसे चालक दल ने सुरक्षित रूप से बुझा दिया। यह स्पष्ट नहीं था कि वह एडीएनओसी वाला ही मामला था। वाणिज्यिक आवाजाही कम रहने और समय सीमा करीब आने के बीच नई ईरानी मांगों तथा ताजा हमले ने सुरक्षा, प्रतिबंधों और मार्ग के नियंत्रण पर मतभेद दूर करने की मध्यस्थों की चुनौती बढ़ा दी है।
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