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ट्रंप के ईरान को अलग-थलग करने के आह्वान के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका-ईरान वार्ता

प्रकाशित 22 सितंबर 2026 8 दृश्य

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों ने मंगलवार, 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बातचीत की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह जानकारी दूसरे देशों से तेहरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने का आग्रह करने के कुछ घंटे बाद दी। ट्रंप के अनुसार बैठक लगभग तीन घंटे चली और उपयोगी रही, हालांकि उन्होंने करीब सात महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में किसी ठोस प्रगति का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।

इससे पहले विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने युद्ध शुरू करने के अमेरिकी फैसले का बचाव किया और ईरान से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने को कहा। उन्होंने बातचीत से समझौते और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ एक नए सैन्य हमले के बीच विकल्प प्रस्तुत किया। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार उनके भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के अधिकांश सदस्य महासभा कक्ष से बाहर चले गए।

ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात कर जलडमरूमध्य दोबारा खोलने की तेहरान की शर्तें बताईं, जैसा रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया। इन शर्तों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, ईरान की जमी हुई संपत्तियां जारी करना और ईरान तथा उसके सहयोगियों से जुड़े सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना शामिल है। यह ईरान की मांगों का विवरण है; इससे यह साबित नहीं होता कि वाशिंगटन ने उन्हें स्वीकार किया है।

मंगलवार को इससे पहले एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा था कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव घटाए और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाए तो होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही सात दिनों के भीतर फिर शुरू हो सकती है। अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक को कूटनीति दोबारा शुरू करने का अवसर बताया। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरान के साथ संपर्क में शामिल थे।

रॉयटर्स के अनुसार युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और गैस की खेप इस जलमार्ग से गुजरती थी। वहां आवागमन बाधित होने से ऊर्जा की लागत बढ़ी है और खाड़ी देशों की सरकारों तथा बड़े आयातकों पर दबाव बढ़ा है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार ट्रंप ने मंगलवार को युद्ध पर चर्चा के लिए खाड़ी देशों और जॉर्डन के नेताओं तथा वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।

यह बैठक एक नया राजनयिक संपर्क है, लेकिन किसी भी पक्ष ने संघर्ष विराम, होर्मुज़ पर समझौते या आगे की वार्ता की समयसीमा की घोषणा नहीं की। व्यापक समाधान की संभावना इस पर निर्भर करेगी कि वाशिंगटन और तेहरान नौवहन, नाकाबंदी और पूरे संघर्ष पर अपनी विरोधी मांगों को कैसे सुलझाते हैं।

स्रोत: Associated Press, Reuters, The Guardian, United Nations

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