अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र ने 13 अगस्त को जारी अद्यतन में कहा कि मजबूत हो रही 2026 की एल नीनो घटना के 1950 से उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड की हर तुलनीय घटना से अधिक शक्तिशाली बनने की 69 प्रतिशत संभावना है। एनओएए की इस एजेंसी ने उत्तरी गोलार्ध में 2026-27 की पतझड़ और सर्दियों के दौरान इसके अत्यंत मजबूत होने की संभावना भी 90 प्रतिशत से अधिक बताई है, जिससे कई महाद्वीपों में मौसम संबंधी जोखिमों पर ध्यान बढ़ गया है।
नया आकलन उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में लगातार स्पष्ट हो रहे संकेतों पर आधारित है। एनओएए के अनुसार जुलाई में समुद्र की सतह के तापमान की विसंगति नीनो-3.4 क्षेत्र में 1.4 डिग्री सेल्सियस, नीनो-3 में 1.7 डिग्री और नीनो-1+2 में 2.9 डिग्री रही, जबकि पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत के कुछ हिस्सों में यह 2 डिग्री से अधिक थी। गहराई में तापमान का अंतर 10 डिग्री तक पहुंचा और हवा, बारिश तथा वायुमंडलीय दबाव के बदलावों ने दिखाया कि महासागर और वातावरण मिलकर मजबूत होती एल नीनो प्रणाली बना रहे हैं।
एनओएए का रिकॉर्ड वाला परिदृश्य विशेष रूप से अक्टूबर से दिसंबर तक तीन महीने के रिलेटिव ओशनिक नीनो इंडेक्स, यानी आरओएनआई, के कम से कम 2.5 डिग्री सेल्सियस होने से जुड़ा है। एजेंसी ने कहा कि उसका आधिकारिक पूर्वानुमान उत्तरी अमेरिका और अन्य क्षेत्रों के कई मॉडलों को मिलाता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन एल नीनो को प्रशांत की प्राकृतिक जलवायु प्रणाली का गर्म चरण बताता है, जो आम तौर पर हर दो से सात वर्ष में आता और लगभग नौ से 12 महीने रहता है; संगठन लोकप्रिय सुपर एल नीनो अभिव्यक्ति को संचालन श्रेणी के रूप में इस्तेमाल नहीं करता।
यह प्रणाली प्रशांत से बहुत दूर तक बारिश और तापमान के ढांचे को बदल सकती है। डब्ल्यूएमओ के अनुसार एल नीनो के दौरान दक्षिणी दक्षिण अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका के हॉर्न और मध्य एशिया के कुछ भाग अक्सर अधिक नम रहते हैं, जबकि मध्य अमेरिका, कैरेबियाई क्षेत्र, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और दक्षिणी एशिया के हिस्सों में सूखा मौसम देखा जाता है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक यह अटलांटिक में तूफानी गतिविधि को कम करता है, हालांकि समाप्त नहीं करता, और मध्य तथा पूर्वी प्रशांत में अधिक तूफानों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है।
पूर्वानुमान का अर्थ यह नहीं है कि ये प्रभाव हर जगह या समान गंभीरता से होंगे। एनओएए ने जोर दिया कि अधिक मजबूत घटना एल नीनो से जुड़े सामान्य प्रभावों की संभावना बढ़ाती है, लेकिन उनकी गारंटी नहीं देती। डब्ल्यूएमओ का कहना है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन एल नीनो को स्वयं अधिक बार या अधिक तीव्र बनाता है, इसका स्थापित प्रमाण नहीं है; फिर भी गर्म महासागर और वातावरण अधिक ऊर्जा तथा नमी उपलब्ध कराकर इससे जुड़ी लू और भारी बारिश को बढ़ा सकते हैं।
ऊंची संभावनाएं सरकारों, किसानों, स्वास्थ्य एजेंसियों, जल प्रबंधकों और मानवीय संगठनों को संभावित बाढ़, सूखे, गर्मी और फसल व्यवधान की तैयारी का समय देती हैं। डब्ल्यूएमओ ने जीवन और आजीविका बचाने के लिए मौसमी पूर्वानुमान तथा समय से पहले चेतावनी का उपयोग करने को कहा है, जबकि एनओएए महासागर और वातावरण की साप्ताहिक निगरानी जारी रखेगा। जलवायु पूर्वानुमान केंद्र की अगली विस्तृत समीक्षा 10 सितंबर को होगी, जब नए अवलोकन बताएंगे कि घटना रिकॉर्ड की ओर बढ़ने वाले रास्ते पर बनी हुई है या नहीं।
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