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हूती हमलों के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब को सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने की बात कही

प्रकाशित 29 सितंबर 2026 0 दृश्य

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने मंगलवार, 29 सितंबर को रोम में कहा कि हूती हमलों से व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ने के बीच उनका देश सऊदी अरब की रक्षा के लिए अपनी सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने को तैयार है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए साझा रक्षा समझौते के तहत उपलब्ध साधनों से अपने दायित्व पूरे करेगा।

आसिफ ने यह बताने से इनकार किया कि पाकिस्तानी बल पहले ही यमन में हवाई हमलों में शामिल हुए हैं या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि रियाद ने औपचारिक रूप से सहायता मांगी है या नहीं। इसलिए उनके बयान से सऊदी अरब की रक्षा की इच्छा तो स्पष्ट होती है, लेकिन पाकिस्तान के लड़ाई में उतरने की पुष्टि नहीं होती, एपी ने बताया।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। एपी के अनुसार, इसमें किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाता है। तीनों सरकारें इसे रक्षात्मक समझौता बताती हैं। आसिफ ने कहा कि सहयोगी अभी सचिवालय और संचालन ढांचा बना रहे हैं; उनके सैन्य प्रमुख हाल में हूती हमलों पर चर्चा के लिए रियाद में मिले थे।

आसिफ के अनुसार, हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ाए हैं और यमन के लाल सागर तट पर अपना नियंत्रण फैलाया है। एपी ने बताया कि समूह ने मोखा बंदरगाह और कई द्वीपों पर कब्जा किया, जिससे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर उसकी पहुंच बढ़ी। संयुक्त राष्ट्र ने इसी महीने चेतावनी दी थी कि यमन के पश्चिमी तट पर लड़ाई तेज हुई है और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ रही है।

यह जोखिम यमन से आगे जाता है क्योंकि यह जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। संयुक्त राष्ट्र ने 15 सितंबर की ब्रीफिंग में कहा था कि उस समय वहां वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती नहीं दिखी, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी था। आसिफ के बयान से नए रक्षा गठबंधन की शुरुआती परीक्षा सामने आई है, हालांकि किसी संभावित पाकिस्तानी सैन्य प्रतिक्रिया का दायरा स्पष्ट नहीं है।

एपी के अनुसार, आसिफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ईरान से जुड़े व्यापक संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत का समर्थन करता है और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए वार्तालाप के पक्ष में है। संयुक्त राष्ट्र के एक दूत ने मंगलवार को अलग से बताया कि वह यमन में तनाव और बढ़ने से रोकने के लिए सप्ताहांत में हूती वार्ताकारों से मिले थे। आगे की दिशा कूटनीतिक संपर्कों और समझौते पर तीनों सहयोगियों के फैसलों पर निर्भर करेगी।

स्रोत: Associated Press; Al Jazeera; United Nations Department of Political and Peacebuilding Affairs

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