श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने सोमवार, 28 सितंबर को जापान के नागोया में एशियाई खेलों की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। उनका आखिरी थ्रो 88.55 मीटर का रहा। भारत के यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से रजत और उनके साथी रोहित यादव ने 84.35 मीटर के थ्रो से कांस्य जीता। डॉन और एनडीटीवी ने ये अंतिम परिणाम प्रकाशित किए।
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में बारिश के बीच दक्षिण एशिया के कई प्रमुख भाला फेंक खिलाड़ी उतरे। विश्व एथलेटिक्स के अनुसार पथिरागे ने सितंबर में इससे पहले बुडापेस्ट में वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप भी जीती थी। एशियाई खेलों की जीत उनके अंतरराष्ट्रीय सत्र में एक और बड़ा खिताब जोड़ती है।
डॉन के अनुसार तीन दौर के बाद पथिरागे 83.56 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर थे। चौथे प्रयास में उन्होंने 88.33 मीटर फेंककर बढ़त बनाई। छठे और अंतिम प्रयास में यह दूरी 88.55 मीटर हो गई। प्रतियोगिता पूरी होने से पहले आई शुरुआती खबरों में स्वर्ण और रजत पदक के लिए इससे कम दूरी दर्ज थी, क्योंकि आखिरी थ्रो तब तक नहीं हुए थे।
एनडीटीवी के अनुसार सिंह ने छठे प्रयास में 85.72 मीटर फेंककर अपना निजी रिकॉर्ड सुधारा और दूसरा स्थान पक्का किया। यादव का सर्वश्रेष्ठ 84.35 मीटर का थ्रो तीसरे दौर में आया और कांस्य के लिए पर्याप्त रहा। इस तरह भारत के दो खिलाड़ी पोडियम पर पहुंचे, हालांकि विजेता पथिरागे रजत पदक विजेता से दो मीटर से अधिक आगे रहे।
पेरिस 2024 के ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम 80.29 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। डॉन के मुताबिक उन्होंने तीसरे प्रयास में अपनी दूरी सुधारी, लेकिन अंतिम तीनों प्रयास फाउल रहे। इस कारण ओलंपिक चैंपियन पदक से बाहर रहे और तीनों पदक श्रीलंका तथा भारत के खिलाड़ियों ने जीते।
अंतिम क्रम में पथिरागे पहले, सिंह दूसरे, यादव तीसरे और नदीम चौथे रहे। पथिरागे के हाल के विश्व स्तर के सफल प्रदर्शन में एशियाई खेलों का स्वर्ण भी जुड़ गया है, जबकि भारत को एक ही स्पर्धा में दो पदक मिले। एशियाई एथलेटिक्स के अनुसार आइची-नागोया खेलों में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं 29 सितंबर तक चलेंगी।
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