भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी पिक्सेल ने सोमवार, 7 सितंबर को कहा कि उसने अपने उपग्रह, सॉफ्टवेयर और विनिर्माण कार्यों के विस्तार के लिए 10 करोड़ डॉलर का सीरीज सी वित्तपोषण पूरा किया है। सिंगापुर के सरकारी निवेशक टेमासेक और ब्रिटेन की अंतरिक्ष निवेश विशेषज्ञ कंपनी सेराफिम ने इस दौर का संयुक्त नेतृत्व किया। पिक्सेल और रॉयटर्स के अनुसार यह किसी भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा जुटाया गया अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश दौर है।
इस सौदे से बेंगलुरु और लॉस एंजिल्स में काम करने वाली कंपनी की कुल जुटाई गई पूंजी 19.5 करोड़ डॉलर हो गई है। नए निवेशकों 360 ONE Asset और दक्षिण कोरिया की IMM Investment ने मौजूदा समर्थकों Radical Ventures, growX Ventures तथा अन्य निवेशकों के साथ भाग लिया। पिक्सेल ने कंपनी का मूल्यांकन नहीं बताया। The Next Web ने उल्लेख किया कि पहले निवेश कर चुकी गूगल इस दौर के घोषित प्रतिभागियों में शामिल नहीं थी।
पिक्सेल ने हाइपरस्पेक्ट्रल उपग्रहों के विकास से शुरुआत की थी। ये उपग्रह परावर्तित प्रकाश को सैकड़ों संकीर्ण तरंग पट्टियों में बांटकर उन पदार्थों के संकेत पहचान सकते हैं जिन्हें सामान्य तस्वीरें नहीं दिखा पातीं। कंपनी के अनुसार इन आंकड़ों का उपयोग कृषि, वानिकी, खनन, ऊर्जा, पर्यावरण निगरानी, आपदा प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा में हो सकता है। उसने पिछले दो वर्षों में छह Firefly उपग्रह तैनात किए हैं और Aurora नामक सॉफ्टवेयर चलाती है, जो चित्रों को जोड़कर उपयोगी विश्लेषण तैयार करता है।
कंपनी ने कहा कि नई पूंजी अगली पीढ़ी के Honeybee हाइपरस्पेक्ट्रल तारामंडल को आगे बढ़ाएगी। इसमें लघु-तरंग अवरक्त संवेदन के साथ सिंथेटिक एपर्चर रडार और अत्यधिक उच्च रिजॉल्यूशन वाली ऑप्टिकल इमेजिंग भी शामिल होगी। पहला Honeybee उपग्रह 2027 में प्रक्षेपित होने की उम्मीद है। पिक्सेल Aurora को और विकसित करने तथा भारत और अमेरिका में उपग्रह उत्पादन क्षमता बढ़ाने की भी योजना बना रही है।
पिक्सेल के पास नासा और अमेरिकी राष्ट्रीय टोही कार्यालय के अनुबंध हैं और उसने भारतीय रक्षा मंत्रालय की कई नवाचार चुनौतियां जीती हैं। भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe ने पिक्सेल के नेतृत्व वाले समूह को 12 उपग्रहों वाला सार्वजनिक-निजी पृथ्वी अवलोकन तारामंडल विकसित करने के लिए भी चुना है। संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अवैस अहमद ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह निवेश ग्रह के स्वास्थ्य की निगरानी वाली शुरुआती सोच को संवेदन, विश्लेषण और संप्रभु क्षमता वाली व्यापक अवसंरचना में बदलने में मदद करेगा।
यह निवेश पिक्सेल को ऐसे बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक संसाधन देता है जहां सरकारों और कंपनियों को समय पर पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी आंकड़ों की जरूरत बढ़ रही है। सेराफिम के मुख्य कार्यकारी मार्क बॉगेट के अनुसार कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थित पृथ्वी अवलोकन, संप्रभु अंतरिक्ष क्षमता और भारत के बढ़ते वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र के संगम पर है। वर्ष 2027 का पहला Honeybee प्रक्षेपण, राष्ट्रीय तारामंडल की प्रगति और विनिर्माण विस्तार इस रणनीति की अगली प्रमुख परीक्षाएं होंगी।
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