चिली की वेरा सी. रूबिन वेधशाला ने अपने पहले संभावित बौने ग्रह, 2026 ED138, की पहचान की है। रूबिन और स्लैक राष्ट्रीय प्रयोगशाला ने 27 अक्टूबर को यह जानकारी अपने सार्वजनिक ऐलान में दी। इस दूरस्थ पिंड का बौने ग्रह का दर्जा अभी पुष्ट नहीं है और अनुमानित व्यास 600 से 1,500 किलोमीटर है।
दल ने सूर्य से उसकी मौजूदा दूरी लगभग 46 खगोलीय इकाई बताई, जबकि प्लूटो की औसत दूरी करीब 40 है। एक इकाई पृथ्वी और सूर्य की औसत दूरी है। आकार का अनुमान चमक, दूरी और सतह की मानी गई परावर्तन क्षमता पर आधारित है; अवरक्त मापों से यह अनिश्चितता घटानी होगी।
हार्वर्ड और स्मिथसोनियन के खगोलभौतिकी केंद्र के मैथ्यू होलमैन ने केविन नेपियर के साथ विकसित सॉफ्टवेयर से 13 अक्टूबर को पिंड खोजा। कार्यक्रम अलग तस्वीरों में गतिशील पिंडों की पहचान जोड़ता है। वेधशाला के अनुसार, रूबिन ने 4 मार्च से 11 जुलाई के बीच 20 रातों में इसे 30 बार दर्ज किया।
डार्क एनर्जी कैमरा की पुरानी तस्वीरों ने रिकॉर्ड को 2016 तक बढ़ाया, जिससे शोधकर्ता एक दशक से अधिक की कक्षीय गति खोज पाए। पिंड आकाशगंगा के घने तारकीय क्षेत्र के सामने दिखा, जिससे पहले की खोजों में उसका छूटना समझ आता है। बार-बार ली गई तस्वीरों और सॉफ्टवेयर ने भीड़भरी पृष्ठभूमि से उसकी गति अलग की।
रूबिन के अनुसार, करीब 25 डिग्री कक्षीय झुकाव अतीत में नेपच्यून के गुरुत्वीय प्रभाव से व्यवधान का संकेत है। ऐसे पिंड ग्रहों के स्थानांतरण और सौरमंडल के निर्माण का इतिहास समझने में मदद करते हैं। आगे के प्रेक्षण जाँचेंगे कि बर्फीला पिंड इतना बड़ा है या नहीं कि गुरुत्व उसे गोल कर दे, जो बौने ग्रह के दर्जे की आवश्यक शर्त है।
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