संयुक्त अरब अमीरात ने 3 अक्टूबर को कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के सह-पायलट ने आतंकवादी कृत्य करने का प्रयास किया। सरकारी समाचार एजेंसी वाम के अनुसार, अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने कहा कि उसने कॉकपिट में आपातकालीन कुल्हाड़ी से कप्तान पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान का मार्ग बदलकर उसे सऊदी अरब के तबूक ले जाया गया। फ्लाईदुबई ने कहा कि विमान में मौजूद चालक दल के सदस्यों ने उसे नियंत्रण में लिया और सुरक्षित उतारा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग़ैथ अल ग़ैथ ने मदद करने वाले पायलटों, केबिन कर्मचारियों और यात्रियों को धन्यवाद दिया तथा बताया कि चिकित्सकीय मंज़ूरी मिलने के बाद कप्तान यूएई लौट आए।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विमान अमीरात में पंजीकृत है और उसका ध्वज धारण करता है, इसलिए देश के न्यायिक अधिकारियों को मामले की जाँच का अधिकार है। मंत्रालय के अनुसार, देश की सीमाओं के बाहर भी विमान में होने वाले अपराधों पर अमीराती कानून लागू होता है। उसने सहयोग के लिए सऊदी अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
अलग से, एपी ने मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया कि सह-पायलट ओमान का नागरिक था और चरमपंथी विचारों को लेकर चिंताओं के कारण ओमान ने पहले उसे उड़ान भरने से रोक दिया था। ये आरोप भर्ती के समय होने वाली जाँच पर सवाल उठाते हैं; इन्हें कॉकपिट हमले के बारे में अभियोजक के विवरण से अलग समझना चाहिए।
फ्लाईदुबई ने बताया कि अधिकारियों के साथ समन्वय में जाँच जारी रहने तक इज़राइल आने-जाने वाली उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। एयरलाइन के अनुसार, प्रभावित यात्रियों को सहायता और जहाँ संभव हो वैकल्पिक व्यवस्था दी जा रही है। अधिक जानकारी उपलब्ध होने पर वह निलंबन की समीक्षा करेगी।
अल शम्सी ने कहा कि जाँचकर्ता परिस्थितियों, उद्देश्यों और किसी भी संबंधित संपर्क की पड़ताल कर रहे हैं, साथ ही तकनीकी परीक्षण तथा भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी है। वाम के अनुसार, आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष घोषित किए जाएँगे। इसलिए शनिवार की घोषणा से जाँच समाप्त नहीं हुई है।
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