ब्रिटेन अपने पूर्वी यरुशलम स्थित वाणिज्य दूतावास को इज़राइल द्वारा बंद किए जाने पर इज़राइली राजनयिकों को निष्कासित करने पर विचार कर रहा है। रॉयटर्स ने छह अक्टूबर को चार सूत्रों के हवाले से यह बताया। बीबीसी के अनुसार लंदन गुरुवार की समयसीमा से पहले दूतावास खुला रखने के लिए अंतिम राजनयिक प्रयास कर रहा है।
ब्रिटेन द्वारा कब्जे वाले वेस्ट बैंक की बस्तियों पर प्रतिबंधों की घोषणा के बाद इज़राइल ने आठ सितंबर को इसे बंद करने का आदेश दिया था। बीबीसी के अनुसार ब्रिटिश उपाय बस्तियों के सामान पर रोक लगाएंगे और उनके विस्तार में मदद करने वाली कंपनियों तथा व्यक्तियों को निशाना बनाएंगे। यह कार्यालय तेल अवीव स्थित ब्रिटिश दूतावास से अलग है।
आधिकारिक सरकारी वेबसाइट के अनुसार यह वाणिज्य दूतावास यरुशलम, वेस्ट बैंक और ग़ज़ा में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करता है। वेबसाइट पर इसका पता शेख जर्राह में दर्ज है। बीबीसी ने इसकी स्थापना 1838 में बताई है, जो शहर में काम समाप्त करने के आदेश का सामना कर रहे इस कार्यालय के लंबे इतिहास को दर्शाता है।
रॉयटर्स के सूत्रों ने कहा कि बंद होने से करीब 30 ब्रिटिश राजनयिक और उनके परिवार प्रभावित होंगे। दोनों विदेश मंत्रालयों ने रॉयटर्स को टिप्पणी देने से इनकार किया। एक इज़राइली अधिकारी ने कहा कि इज़राइल के खिलाफ कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। बीबीसी के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने अटकलों और जारी बातचीत पर चर्चा से भी इनकार किया।
रॉयटर्स के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल पिछले सप्ताह इज़राइल गए, लेकिन समझौता कराने का प्रयास सफल नहीं रहा। बीबीसी ने भी उनकी यात्रा और कोई समझौता होता न दिखने की बात बताई। रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक ब्रिटेन ने यूरोपीय देशों से भी इज़राइल के सामने यह मुद्दा उठाने को कहा है।
रॉयटर्स के एक अन्य सूत्र ने कहा कि लंदन को अभी भी बंदी टलने की उम्मीद है। कार्यालय बंद हुआ तो ब्रिटेन की किसी प्रतिक्रिया की संभावना इज़राइल के 27 अक्टूबर के चुनाव से पहले नहीं है, और शायद कोई कार्रवाई न भी हो। इसलिए खबरें संभावित निष्कासन की हैं, लागू फैसले की नहीं। तत्काल सवाल है कि आठ अक्टूबर से पहले राजनयिक प्रयास कार्यालय बचा सकेंगे या नहीं।
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