होम पर वापस जाएं अमेरिका एआई डेटा केंद्रों के लिए चीनी ऑप्टिकल उपकरणों पर रोक की तैयारी में प्रौद्योगिकी

अमेरिका एआई डेटा केंद्रों के लिए चीनी ऑप्टिकल उपकरणों पर रोक की तैयारी में

प्रकाशित 4 अगस्त 2026 614 दृश्य

ट्रंप प्रशासन अमेरिका के डेटा केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले चीनी ऑप्टिकल ट्रांसीवर के नए मॉडलों के आयात पर रोक का मसौदा तैयार कर रहा है। रॉयटर्स ने मंगलवार, 4 अगस्त को मामले की जानकारी रखने वाले चार लोगों के हवाले से यह रिपोर्ट दी। संघीय संचार आयोग इस उपाय पर काम कर रहा है क्योंकि वॉशिंगटन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेज विस्तार को सहारा देने वाली बुनियादी संरचना को सुरक्षित करना चाहता है। अधिकारी इसे इसी साल प्रकाशित करना चाहते हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा कि नियामक इसमें बदलाव कर सकता है या इसे छोड़ भी सकता है।

ऑप्टिकल ट्रांसीवर छोटे उपकरण होते हैं जो विद्युत संकेतों को लेजर तरंगों में बदलते हैं और फिर उन्हें वापस विद्युत संकेत बनाते हैं। इससे सर्वर और नेटवर्क स्विच फाइबर-ऑप्टिक केबलों के जरिए तेजी से सूचना भेज पाते हैं। आधुनिक एआई केंद्रों में प्रोसेसर को जोड़ने वाले सघन नेटवर्क के लिए ये आवश्यक हैं। फाउंडेशन फॉर अमेरिकन इनोवेशन के अनुसार लगभग हर स्विच पोर्ट एक ट्रांसीवर पर निर्भर है और एनवीडिया GB200 के एक समूह को करीब 18,500 उपकरण चाहिए, जिससे आपूर्ति शृंखला पर निर्भरता का आकार स्पष्ट होता है।

रॉयटर्स के अनुसार विचाराधीन व्यवस्था पहले सभी नए ट्रांसीवर मॉडलों पर रोक लगाएगी और फिर चीन से बाहर के कई आपूर्तिकर्ताओं को छूट देगी। प्रशासन की दलील है कि कमजोर या छेड़छाड़ किए गए पुर्जे डेटा चोरी, हानिकारक सॉफ्टवेयर लगाने या उन केंद्रों की सेवा बाधित करने में मदद कर सकते हैं जहां एआई प्रणालियों को प्रशिक्षित और संचालित किया जाता है। जुलाई के एक आयोग दस्तावेज में भी ऑप्टिकल ट्रांसीवर को उन प्रोग्राम योग्य पुर्जों में रखा गया जिन्हें परामर्श देने वालों ने महत्वपूर्ण बुनियादी संरचना में दूरस्थ प्रवेश और डेटा संग्रह का जोखिम बताया।

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा सीधा असर प्रमुख चीनी निर्माता झोंगजी इनोलाइट पर पड़ सकता है। पेंटागन ने जून में कंपनी को उन उद्यमों की सूची में जोड़ा था जिनके बारे में उसका आरोप है कि उनके चीनी सेना से संबंध हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च का अनुमान है कि वैश्विक डेटा-केंद्र ट्रांसीवर बाजार में इनोलाइट की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत है। रॉयटर्स ने बताया कि कंपनी ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया और व्हाइट हाउस तथा संघीय संचार आयोग ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी।

यदि अमेरिकी क्लाउड संचालकों को दूसरे निर्माताओं के पुर्जों को प्रमाणित करके खरीदना पड़ा तो उनकी लागत बढ़ सकती है या परियोजनाओं में देरी हो सकती है। अमेरिका की कोहेरेंट और ल्यूमेंटम प्रतिस्पर्धी तकनीक देती हैं और उन्हें लाभ मिल सकता है, लेकिन फाउंडेशन फॉर अमेरिकन इनोवेशन के विश्लेषण में कहा गया कि उनके पास चीनी आपूर्तिकर्ताओं को तुरंत बदलने जितना उत्पादन स्तर नहीं है। इसलिए यह योजना साइबर सुरक्षा पहल के साथ एआई निर्माण की तेजी के दौरान औद्योगिक क्षमता की परीक्षा भी है।

वॉशिंगटन में चीनी दूतावास ने अमेरिका से कारोबारी चिंताओं को सुनने, चीनी कंपनियों को बदनाम करना बंद करने और प्रतिबंधों की धमकी रोकने का आग्रह किया, रॉयटर्स ने कहा। दूतावास के अनुसार चीनी हितों को वास्तविक नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई पर बीजिंग जरूरी कदम उठाएगा। अगला निर्णायक चरण आयोग के प्रस्ताव का प्रकाशन होगा, जिससे कानूनी दायरा, छूट और समय-सारिणी स्पष्ट होंगे; तब तक रोक अंतिम नहीं है और मौजूदा आयात प्रभावित नहीं हैं।

स्रोत: Reuters, Federal Communications Commission, Foundation for American Innovation, Counterpoint Research

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