अमेरिका लगभग 9,000 नौसैनिकों और मरीन सैनिकों को लेकर एक विमानवाहक पोत समूह तथा उभयचर जहाज पश्चिम एशिया भेज रहा है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को एसोसिएटेड प्रेस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के विरुद्ध आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं और इस कदम से महीने के अंत तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत हो सकते हैं।
तैनाती में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट का विमानवाहक समूह और यूएसएस मेकिन आइलैंड का उभयचर समूह शामिल हैं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार इन जहाजों पर कुल 7,000 से अधिक नौसैनिक और 2,000 मरीन सैनिक हैं। यूएसएनआई न्यूज ने इसी सप्ताह पुष्टि की थी कि रूजवेल्ट 27 सितंबर को सैन डिएगो से पश्चिम एशिया की ओर प्रस्तावित मिशन के लिए रवाना हुआ था।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश और यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन नाम के दो विमानवाहक पोत पहले से क्षेत्र में हैं। नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि अक्टूबर के अंत तक तीनों वहां हो सकते हैं। अल जजीरा ने अलग से एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि नवंबर के अंत तक ईरान के आसपास तीन विमानवाहक पोत और दो उभयचर समूह होने की अपेक्षा है। ये अनुमान हैं, सभी जहाजों के पहुंच जाने की पुष्टि नहीं।
नौसैनिक उपस्थिति में यह बढ़ोतरी अमेरिका और ईरान के जारी संघर्ष तथा युद्धविराम प्रस्ताव पर मतभेद के बीच हो रही है। गुरुवार को प्रकाशित टाइम पत्रिका के साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान का नवीनतम प्रस्ताव अपर्याप्त बताया और 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद हवाई हमले बढ़ाने की संभावना खुली रखी। एसोसिएटेड प्रेस ने इस साक्षात्कार की खबर दी। गुरुवार को किसी नए हमले या समझौते की घोषणा नहीं हुई।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, नियोजित आवाजाही पूरी होने पर पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति 20,000 से अधिक नौसैनिकों और मरीन सैनिकों तथा सैकड़ों विमानों तक पहुंच सकती है। इससे बातचीत और सैन्य दबाव के दौरान वॉशिंगटन के पास उपलब्ध बल बढ़ेंगे। अब ध्यान रूजवेल्ट और मेकिन आइलैंड समूहों के संभावित आगमन तथा युद्धविराम की दिशा में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की प्रगति पर रहेगा।
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