ब्राज़ील में चार अक्टूबर के राष्ट्रपति चुनाव में अमेज़न वन संरक्षण की अहम परीक्षा होगी। एसोसिएटेड प्रेस की दो अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और सीनेटर फ्लावियो बोलसोनारो वनों की कटाई पर इस मुद्दे से निपटने के लिए अलग-अलग नीतिगत दृष्टिकोण पेश कर रहे हैं। इस वर्षावन का करीब 60% ब्राज़ील में है।
एपी के अनुसार, बोलसोनारो ने 2029 तक अवैध कटाई खत्म करने का वादा किया है। लूला 2030 तक शुद्ध कटाई शून्य करना चाहते हैं, जिसमें वैध और अवैध वन हानि की भरपाई बहाली से होगी। बोलसोनारो के अभियान ने एपी से कहा कि वह संरक्षण प्रोत्साहनों और पर्यावरण अपराधों पर सख्त कार्रवाई का समर्थन करेगा।
एपी से बातचीत में विशेषज्ञों ने चेताया कि कमजोर नियमों से अधिक कटाई संभव होगी, जबकि अवैध कटाई रोकने का लक्ष्य बरकरार रहेगा। तालानोआ की विश्लेषक तासियाना स्टेक ने यह चिंता जताई। यह संभावित नीतिगत बदलावों की चेतावनी है, अभी बाकी चुनाव का कोई स्थापित परिणाम नहीं।
संरक्षण संगठन प्लांट फॉर द प्लैनेट के 28 सितंबर के विश्लेषण के अनुसार, सालाना कटाई 2021 में करीब 13,000 वर्ग किलोमीटर से घटकर 2025 में 5,731 रह गई। संगठन के अनुसार, ब्राज़ील की वन संहिता, संरक्षित क्षेत्र और मान्यता प्राप्त आदिवासी इलाके सुरक्षा देते हैं, लेकिन उनका असर राजनीतिक फैसलों और उन सुरक्षा नियमों को लागू करने की प्रभावशीलता पर निर्भर करता है।
संगठन ने लूला की योजनाओं में सीमित धन और कांग्रेस में कृषि कारोबार के प्रभाव को बाधाएँ बताया। मतदाता राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल और विधायक-सांसद भी चुनेंगे। विश्लेषण के अनुसार, वन संरक्षण में सुधार या गिरावट अकेले संघीय नेतृत्व तय नहीं कर सकता।
मतदान के बाद की अवधि को देखते हुए प्लांट फॉर द प्लैनेट संगठन ने राज्यों, आदिवासी समुदायों और नागरिक समाज से स्थायी साझेदारी तथा आपूर्ति शृंखला में बेहतर पता लगाने की व्यवस्था सुझाई। उसका कहना है कि इनसे राजनीतिक बदलावों के दौरान संरक्षण जारी रह सकता है। आकलन अमेज़न के भविष्य को जैव विविधता संरक्षण और वैश्विक जलवायु के नियमन से जोड़ता है।
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