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अनाक क्राकाटाउ के विस्फोट से जकार्ता की उड़ानें रुकीं

प्रकाशित 6 सितंबर 2026 0 दृश्य

इंडोनेशिया ने रविवार तड़के जकार्ता के सोएकर्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित कर दीं, क्योंकि अनाक क्राकाटाउ के लगातार ज्वालामुखी विस्फोट की राख प्रमुख हवाई मार्गों तक पहुंच गई। परिवहन मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सेवाओं सहित 33 उड़ानें प्रभावित हुईं। इस बीच अधिकारियों ने ज्वालामुखी, वायुमंडल और आसपास के समुद्री क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी।

अनाक क्राकाटाउ जावा और सुमात्रा के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित है। इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी के अनुसार शुक्रवार से गतिविधि जारी है और लंबे विस्फोट चरण में चमकते लावा के फव्वारे, लावा प्रवाह, राख और तेज धमाके दर्ज किए गए। ज्वालामुखी दो जुलाई से स्तर तीन यानी सतर्कता श्रेणी में है और अधिकारियों ने अभी निकासी का आदेश नहीं दिया है।

मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने कहा कि रविवार सुबह आठ बजे स्थानीय समय के उपग्रह विश्लेषण में राख के दो समूह बांतन, जकार्ता, पश्चिम जावा और बेंगकुलु तक फैले दिखे। एजेंसी ने शुक्रवार देर रात शुरुआती विस्फोट के बाद विमानन खतरे की 50 सूचनाएं जारी कीं, जिनके आधार पर हवाई यातायात अधिकारियों और हवाई अड्डा संचालकों ने परिचालन में बदलाव किए।

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक राख का एक स्तंभ लगभग 6,100 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और निकटतम बस्ती ज्वालामुखीय द्वीप से 16 किलोमीटर से अधिक दूर है। फिर भी भूवैज्ञानिक एजेंसी ने गर्म बादलों, लावा, दहकती चट्टानों और भारी राख गिरने के खतरे के कारण निवासियों, पर्यटकों और पर्वतारोहियों को सक्रिय क्रेटर से कम से कम तीन किलोमीटर दूर रहने को कहा।

इस विस्फोट ने बांतन और लामपुंग के तटों पर चिंता बढ़ाई, क्योंकि दिसंबर 2018 में अनाक क्राकाटाउ के आंशिक पतन से सुंडा जलडमरूमध्य में घातक सुनामी आई थी। भूवैज्ञानिक एजेंसी और राष्ट्रीय आपदा एजेंसी BNPB ने कहा कि उस घटना के बाद दोबारा बना शंकु अभी अपेक्षाकृत छोटा है और फिलहाल इतने बड़े स्तर पर नहीं गिर सकता कि सुनामी उत्पन्न हो। फिर भी उसके आकार और गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने तटीय समुदायों से शांत रहने, स्थानीय आपदा प्रबंधन के निर्देश मानने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा। उड़ानों का समय राख की दिशा और सघनता पर निर्भर करेगा, क्योंकि राख विमान के इंजनों को नुकसान पहुंचा सकती है और दृश्यता घटा सकती है। BMKG चौबीसों घंटे निगरानी जारी रखेगी, जबकि संबंधित एजेंसियां सुरक्षित ढंग से सामान्य परिचालन बहाल करने की परिस्थितियों का आकलन करेंगी।

स्रोत: Associated Press, Reuters, Indonesia Geological Agency, BMKG, BNPB

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