होम पर वापस जाएं सीडीसी ने उत्तरी कैरोलाइना में लाइम जीवाणु वाले टिक का दक्षिणी फैलाव पाया स्वास्थ्य

सीडीसी ने उत्तरी कैरोलाइना में लाइम जीवाणु वाले टिक का दक्षिणी फैलाव पाया

प्रकाशित 14 अगस्त 2026 0 दृश्य

लाइम रोग पैदा करने वाला जीवाणु लेकर चलने वाले काले पैरों वाले टिक दक्षिण की ओर बढ़कर पश्चिमी उत्तरी कैरोलाइना तक पहुंचते दिख रहे हैं। यह निष्कर्ष अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की गुरुवार, 13 अगस्त को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया। शोधकर्ताओं ने बिल्टमोर फॉरेस्ट में जांचे गए वयस्क टिकों में से लगभग 40 प्रतिशत में Borrelia burgdorferi पाया। यह अनुपात उत्तर-पूर्व, ऊपरी मिडवेस्ट और मध्य अटलांटिक के उन क्षेत्रों जैसा है जहां लाइम रोग स्थानिक है। सीडीसी ने दक्षिणी एपलाचिया को स्थापित स्थानिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उभरते खतरे वाला इलाका बताया।

यह जांच ऐशविल के पास स्थित पेड़ों से घिरे बिल्टमोर फॉरेस्ट में टिक से फैलने वाली बीमारियों को लेकर निवासियों की चिंताओं के बाद शुरू हुई। नवंबर 2024 से अगस्त 2025 तक शोध दल ने 22 आवासीय संपत्तियों पर हर महीने नमूने एकत्र किए। लोगों ने अपने शरीर, पालतू पशुओं और जमीन पर मिले टिक भी जमा कराए। कुल 25 संपत्तियों से 373 टिक मिले, जिनमें 287 यानी 76.9 प्रतिशत काले पैरों वाले टिक थे। सीडीसी प्रयोगशालाओं ने उपयुक्त नमूनों की मल्टीप्लेक्स पीसीआर अनुक्रमण से जांच की।

अलग-अलग जांचे गए काले पैरों वाले टिकों में 48 वयस्कों में से 19 यानी 39.6 प्रतिशत और सात निम्फ में से तीन यानी 42.9 प्रतिशत में लाइम जीवाणु मिला। शोधकर्ताओं ने दो वयस्कों और लार्वा के दो समूहों में Borrelia miyamotoi भी पाया, जो बार-बार लौटने वाला बुखार पैदा कर सकता है। चार वयस्क टिकों में मनुष्यों को संक्रमित करने वाला Anaplasma phagocytophilum प्रकार मिला, जो एनाप्लाज्मोसिस से जुड़ा है। लेखकों के अनुसार इन अतिरिक्त रोगाणुओं की इस टिक आबादी में यह अब तक की सबसे दक्षिणी पहचान हो सकती है।

सामुदायिक सर्वेक्षण में 17 परिवारों के 19 लोगों ने बताया कि नगर में रहते समय उन्हें टिक से फैलने वाली कम से कम एक बीमारी का निदान मिला था। इनमें 17 ने लाइम, दो ने बेबेसियोसिस और एक ने एर्लिचियोसिस बताया; कुछ लोगों ने एक से अधिक संक्रमण बताए। हालांकि केवल चार लोगों ने चिकित्सा अभिलेख उपलब्ध कराए और अधिकतर निदान स्वयं दी गई जानकारी पर आधारित थे। संक्रमित टिक पूरे अध्ययन क्षेत्र में मिले, लेकिन रिपोर्ट ने न तो स्थानीय रोग दर तय की और न यह साबित किया कि निष्कर्ष पूरे क्षेत्र पर लागू होते हैं।

लेखकों ने कई सीमाएं भी बताईं। लगभग 600 परिवारों में से केवल 75 ने शुरुआती सर्वेक्षण लौटाया, नमूना लिया गया आवासीय क्षेत्र छोटा था और अधिकतर महीनों में दल ने केवल एक से तीन दिन टिक एकत्र किए। संग्रह तूफान हेलेन के तुरंत बाद शुरू हुआ और तूफान से पहले का तुलनीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं था, इसलिए स्थानीय टिक आबादी पर उसका असर स्पष्ट नहीं है। मौसम और पर्यावरण ने भी संग्रह वाले दिनों में मेजबान खोज रहे टिकों की संख्या को प्रभावित किया हो सकता है।

सीडीसी रिपोर्ट ने दक्षिणी एपलाचिया में चिकित्सकीय जागरूकता, जन शिक्षा और टिक व रोगाणु निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया। निवासियों और यात्रियों को सुरक्षात्मक कपड़े पहनने, अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी में पंजीकृत विकर्षक लगाने और बाहर से लौटने पर शरीर में टिक की जांच करने की सलाह दी गई। प्राथमिक देखभाल, आपात सेवा और संक्रामक रोग चिकित्सकों की बेहतर पहचान क्षमता शीघ्र निदान में मदद कर सकती है, जबकि स्वास्थ्य अधिकारी फैलाव की वास्तविक सीमा का आकलन करेंगे।

स्रोत: CDC Morbidity and Mortality Weekly Report, Town of Biltmore Forest, CDC Lyme Disease

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