विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शुक्रवार 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में जुटे नेताओं ने भविष्य की महामारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए निवेश बढ़ाने की अपील दोहराई। महामारी तैयारी पर दूसरी उच्चस्तरीय बैठक में एक प्रस्तावित राजनीतिक घोषणा पर विचार हुआ। इसका केंद्र स्वास्थ्य उपकरणों तक समान पहुंच, मजबूत राष्ट्रीय व्यवस्थाएं और लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग है। संगठन ने कहा कि पाठ को आगे विचार के लिए महासभा के पास भेजे जाने की उम्मीद है।
यह बैठक 2023 में हुई पहली ऐसी बैठक के बाद आयोजित हुई। उस समय कोविड-19 ने रोग निगरानी, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सामग्री तक पहुंच की कमजोरियां उजागर की थीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, प्रतिभागियों ने महामारी समझौते को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों में बदलाव जैसे कदमों की समीक्षा की। उन्होंने धन की लगातार कमी और देशों की खतरों को जल्दी पहचानने तथा रोकने की क्षमता में अंतर पर भी चर्चा की।
संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बैठक में कहा कि राजनीतिक वादों को स्थानीय और राष्ट्रीय क्षमता में बदलने के लिए निरंतर निवेश चाहिए। संगठन के अनुसार, 2020 से 2023 के बीच कोविड-19 से दो करोड़ से अधिक अतिरिक्त मौतें जुड़ी थीं और विश्व अर्थव्यवस्था को दस लाख करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। इन आंकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य आपात स्थितियों के बीच के समय में भी तैयारी को प्राथमिकता देने की मांग उठी।
एक महत्वपूर्ण अधूरा काम महामारी समझौते के उस परिशिष्ट पर बातचीत है जो महामारी फैलाने की क्षमता वाले रोगजनकों को साझा करने और उनके उपयोग से मिलने वाले लाभ बांटने से संबंधित है। संगठन के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था शोध में मदद करेगी और टीकों, जांच तथा उपचार तक अधिक समय पर और न्यायसंगत पहुंच बढ़ाएगी। मई 2027 में विश्व स्वास्थ्य सभा द्वारा परिशिष्ट को अपनाना जरूरी है, तभी सदस्य देश राष्ट्रीय स्तर पर समझौते की पुष्टि पर विचार शुरू कर सकेंगे।
प्रस्तावित घोषणा मनुष्य, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य के आपसी संबंध पर भी जोर देती है, ताकि प्रकोप फैलने से पहले रोके जा सकें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने चिकित्सा सामग्री तक समय पर पहुंच, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों और वित्तीय कमी दूर करने की अपील की। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जरूरी उपकरणों की भरोसेमंद उपलब्धता पर भी चर्चा हुई।
संगठन की विज्ञप्ति में घोषणा को स्वीकृत नहीं बताया गया है। आगे समीक्षा के लिए इसे महासभा के समक्ष रखे जाने की उम्मीद है, जबकि सरकारें रोगजनक साझा करने वाले परिशिष्ट पर बातचीत जारी रखेंगी। शुक्रवार की प्रतिबद्धताओं का वास्तविक असर आगामी समझौतों, धन की उपलब्धता और देशों द्वारा बेहतर निगरानी तथा स्वास्थ्य सेवाएं लागू करने पर निर्भर करेगा।
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