इंग्लैंड की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा लगभग 200 सामान्य चिकित्सा क्लीनिकों में रक्त से कई कैंसर पहचानने की जांच परखेगी। एओएल पर 4 नवंबर को प्रकाशित मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी समर्थन वाला अध्ययन 45 वर्ष से अधिक उम्र के 20,000 मरीज भर्ती करना चाहता है। पेट फूलने या ऐंठन जैसे लक्षणों वाले इन लोगों में अध्ययन का उद्देश्य डॉक्टरों को जल्दी पहचानने में मदद देना है कि किसे आगे जांच की जरूरत है।
बर्मिंघम विश्वविद्यालय ने स्ट्राइड आरसीटी परियोजना को सक्रिय बताया है। इसे नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर रिसर्च से वित्तपोषण मिला है। दर्ज अवधि 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2031 है। यह शोध चिकित्सकीय देखभाल में जांच का अध्ययन है; इससे नियमित उपयोग में उसकी प्रभावशीलता सिद्ध नहीं होती।
मिरर के अनुसार, अध्ययन तीन कंपनियों की जांच परखेगा, जो ट्यूमर के डीएनए और प्रोटीन जैसे संकेत तलाशती हैं। प्रतिभागी आम तौर पर नियमित जांच के साथ एक या दो नलिकाओं में रक्त देंगे। डॉक्टर कैंसर की आशंका का स्तर दर्ज करेंगे, ताकि शोधकर्ता देखें कि ये जांच चिकित्सकीय आकलन में कैसे मदद करती हैं।
रिपोर्ट में अग्न्याशय, यकृत, अंडाशय, आंत और प्रोस्टेट कैंसर शामिल हैं। एनएचएस इंग्लैंड के कैंसर निदेशक पीटर जॉनसन ने कहा कि पेट के लक्षण कम गंभीर बीमारियों जैसे हो सकते हैं। देशभर में शुरू करने पर विचार से पहले जांच का मूल्यांकन होगा; जल्दी निदान अभी लक्ष्य है, सिद्ध परिणाम नहीं।
अलग शोध इस अनिश्चितता को दर्शाता है। एनएचएस गैलेरी परीक्षण के सितंबर के आधिकारिक सारांश में जांच और नियंत्रण समूहों के बीच तीसरे तथा चौथे चरण के संयुक्त निदानों में कुल अंतर नहीं मिला। इस कारण मुख्य लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। हालांकि केवल चौथे चरण के निदान जांच समूह में कम थे और शुरुआती चरण के निदान अधिक थे।
गैलेरी टीम ने बताया कि डेटा संग्रह और विश्लेषण जारी रहेगा। वे निष्कर्ष दूसरे परीक्षण के हैं और स्ट्राइड आरसीटी का परिणाम तय नहीं करते। नए कार्यक्रम का प्रश्न है कि क्या रक्त जांच डॉक्टरों को लक्षण वाले मरीजों को उचित परीक्षणों तक भेजने में मदद कर सकती है। व्यापक उपयोग मूल्यांकन पर निर्भर रहेगा।
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