एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन ने शुक्रवार को दूसरी तिमाही में कुल 26 अरब डॉलर से अधिक मुनाफे की जानकारी दी। ईरान संघर्ष से जुड़े आपूर्ति व्यवधान के दौरान तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन ने अमेरिका स्थित दोनों सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों को सहारा दिया। कंपनी के बयानों और एक्सियोस के अनुसार अप्रैल से जून के बीच एक्सॉन ने 14.5 अरब डॉलर और शेवरॉन ने 12.1 अरब डॉलर कमाए।
एक्सॉन का मुनाफा एक साल पहले के 7.1 अरब डॉलर से दोगुने से भी अधिक रहा और पहली तिमाही के 4.2 अरब डॉलर से तेजी से बढ़ा। शेवरॉन का परिणाम 2025 की समान अवधि के 2.5 अरब डॉलर से लगभग पांच गुना था। ये नतीजे उस अप्रैल-जून अवधि के हैं जब होर्मुज जलडमरूमध्य से पेट्रोलियम ढुलाई सीमित होने के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतें बढ़ीं।
एक्सॉन ने प्रति शेयर 3.48 डॉलर की आय, 23.6 अरब डॉलर का परिचालन नकदी प्रवाह और 17.2 अरब डॉलर का मुक्त नकदी प्रवाह दर्ज किया। उसने लाभांश और शेयर पुनर्खरीद के जरिए शेयरधारकों को 9.4 अरब डॉलर लौटाए। कंपनी ने कहा कि प्रभावित मध्य पूर्वी परिचालन को छोड़कर उत्पादन दो दशक से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जिसमें पर्मियन बेसिन का प्रतिदिन 18 लाख बैरल तेल समकक्ष से अधिक का रिकॉर्ड उत्पादन शामिल था।
शेवरॉन को महंगे कच्चे तेल के साथ बेहतर रिफाइनिंग अर्थव्यवस्था का भी लाभ मिला। स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार कम कच्चा तेल संसाधित करने और कम उत्पाद बेचने के बावजूद उसका तिमाही रिफाइनिंग मुनाफा करीब छह गुना हुआ। एक्सॉन ने दूसरी तिमाही के लिए रिकॉर्ड डीजल उत्पादन भी किया, लेकिन रखरखाव ने प्रदर्शन को प्रभावित किया और बाजार की अपेक्षा से कम मुनाफे के बाद उसका शेयर 0.97 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, एक्सियोस ने बताया।
ये परिणाम आपूर्ति झटके के असमान आर्थिक असर को दिखाते हैं। एपी न्यूज के अनुसार अमेरिका में इस सप्ताह सामान्य पेट्रोल की औसत कीमत 4.10 डॉलर प्रति गैलन रही, जो पिछले साल से करीब एक डॉलर अधिक है, जबकि डीजल और विमान ईंधन भी महंगे हुए। कंपनियां कच्चे तेल का भाव तय नहीं करतीं; यह आपूर्ति, मांग और कारोबार से निर्धारित होता है। फिर भी उनके एकीकृत उत्पादन और रिफाइनिंग नेटवर्क ने व्यापक मार्जिन हासिल करने में मदद की। निवेशक अब तेल भाव, समुद्री रास्तों और रिफाइनरी संचालन पर नजर रखेंगे।
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