अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इमावी, जिसे निपोकैलिमैब-आहू भी कहा जाता है, को वार्म ऑटोइम्यून हीमोलिटिक एनीमिया के लिए विशेष रूप से स्वीकृत पहला उपचार मंजूर किया है। जॉनसन एंड जॉनसन ने सोमवार, 24 अगस्त को फैसले की घोषणा की। मंजूरी उन वयस्कों और 12 वर्ष या उससे अधिक आयु के मरीजों के लिए है जो इस दुर्लभ और संभावित रूप से जानलेवा रक्त विकार के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉयड ले रहे हैं या पहले ले चुके हैं।
यह रोग तब होता है जब इम्युनोग्लोबुलिन जी ऑटोएंटीबॉडी गलती से सामान्य शारीरिक तापमान पर लाल रक्त कोशिकाओं से जुड़कर उन्हें नष्ट करती हैं। इससे होने वाला एनीमिया गंभीर थकान पैदा कर सकता है और रक्त के थक्के, गुर्दा विफलता, संक्रमण तथा रक्त चढ़ाने पर निर्भरता से जुड़ सकता है। कंपनी का अनुमान है कि हर 8,000 लोगों में लगभग एक व्यक्ति इससे प्रभावित है और सालाना प्रति 100,000 लोगों पर एक से तीन नए मामले आते हैं।
इमावी नवजात एफसी रिसेप्टर को रोकता है। यह प्रोटीन सामान्यतः इम्युनोग्लोबुलिन जी को पुनर्चक्रित करता है और हानिकारक एंटीबॉडी को रक्त में बनाए रखने में मदद करता है। उनकी मात्रा घटाने का उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा कार्यों को बचाते हुए रोग की मूल प्रक्रिया को निशाना बनाना है। रॉयटर्स और उत्पाद सूचना के अनुसार, वजन पर आधारित खुराक हर चार सप्ताह में नस के जरिये दी जाती है।
प्राथमिकता समीक्षा के बाद मिली मंजूरी 115 वयस्कों पर किए गए यादृच्छिक, डबल-ब्लाइंड और प्लेसीबो नियंत्रित चरण 2/3 एनर्जी परीक्षण पर आधारित है। रॉयटर्स के अनुसार, 24 सप्ताह बाद प्लेसीबो की तुलना में इमावी लेने वाले लगभग तीन गुना अधिक मरीजों में हीमोग्लोबिन का टिकाऊ सुधार हुआ। इसके लिए स्तर 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक और कम से कम 28 दिनों तक 2 ग्राम की वृद्धि, बिना बचाव उपचार के, जरूरी थी।
कंपनी के आंकड़ों में पहले सप्ताह तक हीमोग्लोबिन में औसतन 1 ग्राम प्रति डेसीलीटर की वृद्धि और 24वें सप्ताह में थकान स्कोर में सुधार भी दिखा। नतीजे तेज और टिकाऊ प्रतिक्रिया का संकेत देते हैं, लेकिन चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत खत्म नहीं करते। आम दुष्प्रभावों में हाथ-पैर की सूजन, दस्त और बुखार शामिल थे, जबकि दवा सूचना संक्रमण तथा गंभीर एलर्जी या इन्फ्यूजन से जुड़ी प्रतिक्रियाओं की चेतावनी देती है।
इस फैसले से पहले डॉक्टर मुख्यतः कॉर्टिकोस्टेरॉयड, व्यापक प्रतिरक्षा-दमनकारी दवाओं और बी कोशिका लक्षित उपचारों का उपयोग करते थे, हालांकि इस रोग के लिए कोई विशेष एफडीए स्वीकृत दवा नहीं थी। इमावी को पहली अमेरिकी मंजूरी अप्रैल 2025 में 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के कुछ एंटीबॉडी-पॉजिटिव जनरलाइज्ड मायस्थीनिया ग्रेविस मरीजों के लिए मिली थी। नया उपयोग लक्षित विकल्प देता है, पर डॉक्टरों को हर मरीज में लाभ, संक्रमण जोखिम और इन्फ्यूजन सुरक्षा का आकलन करना होगा।
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