छात्र और नागरिक संगठनों ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रदर्शन कर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विवाद देशभर में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से जुड़ा है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, पुलिस ने जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल तक पहुंच रोक दी और कुछ प्रदर्शनकारियों तथा विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। युवाओं का कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन मुंबई में अलग रैली करने की योजना बना रहा था।
विवाद का केंद्र विशेष गहन पुनरीक्षण है। मतदाताओं के सत्यापन की यह प्रक्रिया पिछले साल बिहार में शुरू हुई थी और बाद में अधिकांश राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों तक फैली। चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य दोहरे पंजीकरण तथा मृत या अपात्र लोगों के नाम हटाना है, जबकि पात्र नागरिकों के नाम सूची में बने रहें। आलोचकों का कहना है कि पात्रता साबित करने के लिए मांगे गए दस्तावेज वैध मतदाताओं को सूची से बाहर कर सकते हैं।
एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के लिए निर्धारित जंतर मंतर पर अवरोधक लगाए और शुक्रवार को छात्र तथा नागरिक समूहों को वहां एकत्र होने से रोका। रॉयटर्स की तस्वीरों में भी राजधानी में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते दिखे। कॉकरोच जनता पार्टी ने मुंबई के प्रस्तावित कार्यक्रम को बड़े अभियान की शुरुआत बताया। शुक्रवार सुबह उपलब्ध रिपोर्टों से उस नियोजित रैली में शामिल लोगों की विश्वसनीय संख्या स्पष्ट नहीं थी।
कुमार पर दबाव तब बढ़ा जब इंडियन एक्सप्रेस ने पिछले महीने बताया कि चुनाव आयोग के अन्य दो आयुक्तों ने मतदाता सूचियों, पंजीकरण प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए थे। रॉयटर्स के मुताबिक, अखबार ने दस महीनों में कम से कम 14 आपत्तियों का उल्लेख किया। आयोग ने औपचारिक आपत्तियों के इस वर्णन से असहमति जताई और कहा कि अलग-अलग राय सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा है तथा उसके फैसले कानून के अनुरूप हैं।
विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पंजीकरण में बदलाव से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी को लाभ मिलता है। आयोग, सरकार और पार्टी हेरफेर या राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हैं। इन विरोधी दावों ने मतदाता सूचियों की सटीकता और आयोग की स्वतंत्रता को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। यही संस्था देश में लोकसभा तथा राज्य चुनावों का संचालन करती है।
कॉकरोच जनता पार्टी बेरोजगारी और परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने पर युवाओं के आक्रोश से उभरी थी। एसोसिएटेड प्रेस और रॉयटर्स के अनुसार, उसके पहले के प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया था। रॉयटर्स ने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी दल कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को और प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। आयोग ने शुक्रवार के विरोध के बाद सत्यापन प्रक्रिया में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है।
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