होम पर वापस जाएं इंडोनेशियाई प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति जब्ती विधेयक शीघ्र पारित करने की मांग की राजनीति

इंडोनेशियाई प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति जब्ती विधेयक शीघ्र पारित करने की मांग की

प्रकाशित 28 अगस्त 2026 0 दृश्य

हजारों इंडोनेशियाई नागरिक गुरुवार 27 अगस्त को जकार्ता में प्रतिनिधि सभा परिसर के बाहर एकत्र हुए और भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक कठोर कार्रवाई तथा लंबे समय से लंबित संपत्ति जब्ती विधेयक को शीघ्र पारित करने की मांग की। गुरुवार देर रात और शुक्रवार को प्रकाशित खबरों के अनुसार कई संगठनों के प्रदर्शनकारी संसद के सामने पहुंचे। इससे तकनीकी विधायी बहस देश की भ्रष्टाचार विरोधी नीति में जनता के विश्वास की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गई।

मध्य जावा के पाती क्षेत्र से सैकड़ों लोग यूनाइटेड पाती पीपुल्स अलायंस यानी एएमपीबी के साथ आए, जबकि जकार्ता महानगरीय क्षेत्र के दूसरे समूह भी व्यापक प्रदर्शन में शामिल हुए। एएमपीबी के समन्वयक सुप्रियोनो, जिन्हें बोटोक भी कहा जाता है, ने रैली से पहले कहा कि उनका संगठन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहता है। उसका ध्यान विधेयक पारित कराने और भ्रष्ट अधिकारियों के लिए अधिक कड़ी सजा पर है, राष्ट्रीय सरकार को हटाने पर नहीं।

प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अपराध से जुड़ी संपत्ति का पता लगाने, उसे जब्त करने और वापस प्राप्त करने की सरकारी क्षमता मजबूत करना है। संसद की तीसरी आयोग समिति दिसंबर 2026 की पूर्ण बैठक में अंतिम स्वीकृति का लक्ष्य रखती है। प्रदर्शन के दौरान एक संसदीय प्रतिनिधि ने भीड़ को बताया कि नेतृत्व ने उसकी मांगें स्वीकार कर ली हैं और नागरिक समाज कानून का मसौदा तैयार होते समय अपने सुझाव भेजता रह सकता है।

प्रतिनिधि सभा के अनुसार उसने 35 सार्वजनिक सुनवाई की हैं, तीन क्षेत्रीय कार्य यात्राएं आयोजित की हैं और दर्जनों नागरिक संगठनों से लिखित सुझाव प्राप्त किए हैं। अभी यह तय होना बाकी है कि आपराधिक दोषसिद्धि के बिना संपत्ति कब जब्त हो सकती है, प्रमाण का भार किन परिस्थितियों में बदला जा सकता है, जब्त संपत्ति का प्रबंधन कैसे होगा और तीसरे पक्ष द्वारा कानूनी रूप से हासिल संपत्ति की रक्षा कैसे की जाएगी।

समर्थकों का कहना है कि अधिक मजबूत अधिकार तब अपराध की आय बचाए रखने से रोक सकते हैं जब कोई संदिग्ध मर जाए, भाग जाए या उस पर मुकदमा चलाना संभव न हो। कानूनी विशेषज्ञों और सांसदों ने चेतावनी दी है कि न्यायिक निगरानी, स्पष्ट प्रारंभिक प्रमाण मानक और प्रभावित मालिकों को आपत्ति का प्रभावी अधिकार दिए बिना व्यापक शक्ति का राजनीतिक दुरुपयोग हो सकता है। ये सुरक्षा उपाय अब मसौदा प्रक्रिया के केंद्र में हैं।

प्रदर्शन ने संसद पर दिसंबर की समयसीमा को वास्तविक कानून में बदलने और उचित कानूनी प्रक्रिया बचाए रखने का दबाव बढ़ाया है। आयोजकों ने कहा कि वे तय तारीख तक विधेयक पर नजर रखेंगे। अगले चरण में और सार्वजनिक सुझाव, कानूनी सामंजस्य, सरकार के साथ बातचीत तथा समिति और पूर्ण सदन में मतदान शामिल हैं। परिणाम बताएगा कि इंडोनेशिया अपराध से अर्जित धन की तेज वापसी और मनमानी सरकारी जब्ती से सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाता है।

स्रोत: Al Jazeera, Deutsche Welle, The Jakarta Post, ANTARA News, Indonesian House of Representatives

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