वैज्ञानिकों ने 2 नवंबर को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तेज होता एल नीनो अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम में भारी वर्षा का खतरा बढ़ा रहा है। यह रिपोर्ट रविवार की अचानक बाढ़ के बाद आई, जिसके कारण उत्तरी न्यू मैक्सिको और मध्य एरिजोना में लोगों को निकाला गया। इससे सर्दियों तक बने रहने वाले मौसम संबंधी जोखिमों पर फिर ध्यान गया है।
एपी से बात करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर का असामान्य गर्म पानी वातावरण में नमी बढ़ाता और हवाओं को बदलता है, जिससे तूफान बनते हैं। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि बाढ़ का अकेला कारण एल नीनो नहीं था और किसी एक तूफान को इस घटना से जोड़ना कठिन है।
व्यापक पूर्वानुमान इन ताजा बाढ़ों से पहले का है। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन, नोआ, ने 15 अक्टूबर के शीतकालीन पूर्वानुमान में दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक दक्षिणी अमेरिका और पूर्वी तट पर अधिक वर्षा की संभावना जताई थी। उत्तरी इलाकों में औसत से अधिक तापमान की उम्मीद थी।
नोआ की मौसम सेवा के निदेशक केन ग्राहम ने बताया कि मजबूत एल नीनो जेट स्ट्रीम को दक्षिण और पूर्व की ओर खिसका सकता है, जिससे दक्षिणी तूफानों की संभावना बढ़ती है। अधिक वर्षा सूखा घटा सकती है, लेकिन सूखी जमीन पर अत्यधिक बारिश अचानक बाढ़ और कीचड़ के बहाव का कारण बन सकती है। पूर्वानुमान मौसमी संभावनाएं बताता है, बर्फबारी की कुल मात्रा नहीं।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 21 अक्टूबर को चेताया कि नवंबर से जनवरी के दौरान उष्णकटिबंधीय प्रशांत का सतही तापमान औसत से 3.8 डिग्री सेल्सियस ऊपर जा सकता है। उसके अनुसार चरम स्थिति दिसंबर के आसपास होगी और असर बाद में भी रहेगा। पूर्वानुमान में पूर्वी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बाढ़ और दक्षिणी अफ्रीका में शुष्क स्थितियों से फसलों व जल आपूर्ति के जोखिम बताए गए।
संगठन ने दक्षिण-पूर्व एशिया में गर्मी और वर्षा की कमी भी बताई तथा सरकारों और मानवीय संस्थाओं से कमजोर समुदायों की सुरक्षा की तैयारी करने को कहा। उसने जोर दिया कि मौसमी अनुमान किसी खास घटना की भविष्यवाणी नहीं करते; क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पूर्वानुमान जरूरी हैं। नोआ का अगला शीतकालीन अपडेट 19 नवंबर को निर्धारित है।
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