इज़राइल में मंगलवार, 27 अक्टूबर को राष्ट्रीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। तीन वर्षों के युद्ध और राजनीतिक विभाजन के बाद यह चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता में बने रहने की क्षमता की परीक्षा है। एपी ने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमले के बाद देश के पहले राष्ट्रीय चुनाव में मतदान जारी था। यह रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई चुनाव परिणाम उपलब्ध नहीं था।
रॉयटर्स ने नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसके दक्षिणपंथी सहयोगियों तथा पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़नकोट के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गठबंधन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा बताई। ग़ज़ा और ईरान के साथ युद्धों के बाद हो रहे इस चुनाव में मतदाता नेतन्याहू के नेतृत्व और इज़राइल के अंतरराष्ट्रीय अलगाव का आकलन कर रहे हैं। चुनाव से पहले के ये आकलन प्रचार अभियान का वर्णन करते हैं, मंगलवार के मतदान का परिणाम नहीं हैं।
मतदाता सीधे प्रधानमंत्री चुनने के बजाय राजनीतिक दलों की सूचियों के लिए वोट देते हैं। अमेरिकी कांग्रेस पुस्तकालय के अनुसार, नेसेट में 120 सीटें हैं और संसद में प्रवेश के लिए किसी सूची को कम से कम 3.25 प्रतिशत वैध मत प्राप्त करने होते हैं। सीटों का वितरण आनुपातिक प्रतिनिधित्व से होता है, इसलिए छोटे दलों का प्रदर्शन सत्ता के अंतिम संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कांग्रेस पुस्तकालय बताता है कि किसी भी दल ने कभी अपने दम पर संसदीय बहुमत हासिल नहीं किया है, इसलिए सरकार बनाने में गठबंधन समझौते केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। बहुमत के लिए 61 सीटें होती हैं। इस कारण सबसे आगे रहने वाले दल का मत प्रतिशत अकेले यह तय नहीं कर सकता कि शासन कौन करेगा; कई दलों का समर्थन जुटाने की क्षमता भी निर्णायक है।
एपी ने मंगलवार सुबह बताया कि उसी शाम मतदान केंद्र बंद होने के बाद अगले प्रधानमंत्री का निर्धारण होने में कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं। इसके बाद तत्काल चरण मतगणना और उससे तय होने वाला संसदीय सीटों का वितरण हैं, फिर सत्तारूढ़ गठबंधन बनाने के प्रयास होंगे। कांग्रेस पुस्तकालय के अनुसार, नई सरकार बनने तक निवर्तमान सरकार अपने कार्य करती रहती है।
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