नासा के नए उपग्रह माप बताते हैं कि 2026 में मजबूत हो रहा एल नीनो मध्य भूमध्यरेखीय प्रशांत के बड़े हिस्से में पादप प्लवक की मात्रा पहले ही घटा रहा है। यह शुरुआती पारिस्थितिक बदलाव पूरे समुद्री खाद्य जाल में फैल सकता है। नासा अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने 10 अगस्त को बताया कि PACE उपग्रह के जून आंकड़ों में सतह पर क्लोरोफिल जून 2025 की तटस्थ परिस्थितियों की तुलना में काफी कम था।
क्लोरोफिल अधिकांश पादप प्लवक में प्रकाश ग्रहण करने वाला वर्णक है। ये सूक्ष्म जीव समुद्र की खाद्य शृंखला के बड़े हिस्से की नींव हैं। नासा ने PACE के ओशन कलर इंस्ट्रूमेंट से मिले मासिक औसत की तुलना की। यह उपकरण समुद्र से परावर्तित नीली और हरी रोशनी मापता है। सबसे बड़ा अंतर न्यूजीलैंड के उत्तर में भूमध्य रेखा के पास दिखा, जहां 2026 में उत्पादक हरे पानी की पट्टी बहुत संकरी थी।
नासा के समुद्र विज्ञानी मैथ्यू केहरली और ग्राहम ट्रॉली ने गिरावट को एल नीनो की परिचित प्रक्रिया से जोड़ा। पूर्वी व्यापारिक हवाएं कमजोर होने पर गर्म सतही परत अधिक गहरी हो जाती है और नीचे से ठंडे, पोषक तत्वों से भरपूर पानी का ऊपर आना घट जाता है। धूप वाले पानी तक कम पोषण पहुंचने से पादप प्लवक की वृद्धि घटती है। वैज्ञानिकों को कम क्लोरोफिल वाला क्षेत्र अधिक चौड़ा या स्पष्ट होने की आशंका है।
अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र NOAA ने कहा कि जुड़ी हुई महासागर-वायुमंडल प्रणाली एल नीनो के मजबूत होने के संकेत दे रही है। जुलाई के आकलन में इसके 2027 की उत्तरी गोलार्ध की शुरुआती वसंत तक बने रहने की संभावना 97 प्रतिशत और अक्टूबर से दिसंबर के बीच अत्यंत मजबूत होने की संभावना 81 प्रतिशत बताई गई। NOAA ने सावधान किया कि शक्तिशाली घटनाएं भी हर स्थान पर सामान्य प्रभाव नहीं डालतीं।
यह जैविक संकेत महत्वपूर्ण है क्योंकि पादप प्लवक प्राणी प्लवक का भोजन है और वह मछलियों, समुद्री पक्षियों तथा स्तनधारियों को सहारा देता है। पिछले एल नीनो में पेरू की एंकोवी पकड़ तेजी से घटी थी। पेरू के उत्पादन मंत्रालय ने बढ़ती गर्म परिस्थितियों और कमजोर भंडार का हवाला देकर जून में उत्तर-मध्य क्षेत्र में एंकोवी और सफेद एंकोवी मछली पकड़ना निलंबित कर दिया। नई वैज्ञानिक जानकारी ही इसे दोबारा खोलने का आधार बनेगी।
फरवरी 2024 में प्रक्षेपित PACE अब अपने पहले पूरे एल नीनो को लगभग दैनिक वैश्विक माप और पुरानी समुद्री-रंग परियोजनाओं से अधिक प्रकाश तरंगों के साथ देखेगा। नासा विशिष्ट पादप प्लवक समुदायों की प्रतिक्रिया अलग-अलग पहचानना और भूमि की वनस्पति, बादलों तथा वायुमंडलीय कणों में जुड़े बदलाव देखना चाहता है। ये आंकड़े बताएंगे कि जलवायु चक्र समुद्री उत्पादकता को कितनी तेजी से बदलता है और अगला पारिस्थितिक दबाव कहां बढ़ सकता है।
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