खगोलविदों ने एलियास 2-24 बी को सबसे युवा ज्ञात ग्रह बताया है। नासा ने 16 सितंबर को कहा कि इसकी उम्र दस लाख वर्ष से कम है और यह अपने तारे की गैस और धूल की चक्रिका में अब भी बढ़ रहा है। लगभग बृहस्पति जितने द्रव्यमान वाला यह ग्रह पृथ्वी से करीब 450 प्रकाश वर्ष दूर स्थित तंत्र में है और ग्रह निर्माण की शुरुआती अवस्था की दुर्लभ झलक देता है।
चिली के डिएगो पोर्टालेस विश्वविद्यालय के शोध छात्र आंद्रेआ बर्नार्दी ने द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन का नेतृत्व किया। नासा के अनुसार, टीम ने हवाई की केक वेधशाला के अभिलेखों में सात तारों के अवलोकन जांचे। कोरोनाग्राफ ने तारों की तेज रोशनी रोकी, ताकि आसपास की चक्रिकाओं में बहुत धुंधले ग्रह खोजे जा सकें।
प्रमाण कई दूरबीनों के अवलोकन जोड़ते हैं। नासा के अनुसार, चिली में आल्मा ने पहले चक्रिका में एक खाली स्थान दिखाया। यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला की वेरी लार्ज टेलीस्कोप ने वहां धुंधला प्रकाश बिंदु देखा। टीम ने उसे केक के 2018 और 2020 के अभिलेखों में भी पाया। समय के साथ उसकी गति ने पृष्ठभूमि के तारे या छवि की त्रुटि के बजाय ग्रह होने का समर्थन किया।
नासा के अनुसार, यह पिंड अपने तारे से पृथ्वी और सूर्य की दूरी के करीब 55 गुना फासले पर है। मौजूदा मॉडल बृहस्पति की दूरी पर उसके आकार का ग्रह बनने में करीब पचास लाख वर्ष और अधिक दूरी पर उससे भी लंबा समय बताते हैं। इतनी दूर इतना युवा विशाल ग्रह मिलना इसलिए ग्रहों के बढ़ने की रफ्तार समझाने वाले वैज्ञानिकों के लिए चुनौती है।
सहलेखक लुकास सिएजा ने नासा से कहा कि मौजूदा मॉडलों में अब भी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं शामिल नहीं हैं। खोज, निर्माण को होते देखकर इन मॉडलों की जांच का अवसर देती है। धूल युवा ग्रहों को छिपाती है, इसलिए उन्हें खोजना कठिन है। नासा का कहना है कि ऐसे और ग्रह मिलने से उन सिद्धांतों को सुधारने में मदद मिलेगी जो अन्यथा सिमुलेशन और अप्रत्यक्ष प्रमाणों पर निर्भर हैं।
केक के अनुसार, शोधकर्ता वायुमंडल, तापमान और जारी वृद्धि के अध्ययन के लिए स्पेक्ट्रा तथा बेहतर द्रव्यमान मापन चाहते हैं। नासा के मुताबिक, रोमन अंतरिक्ष दूरबीन के उपकरण सहित अधिक शक्तिशाली कोरोनाग्राफ ऐसी खोज आसान कर सकते हैं और छोटी कक्षाओं वाले ग्रह दिखा सकते हैं।
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