होम पर वापस जाएं इंसब्रुक की टीम ने अतिशीतल परमाणुओं में बेथे स्ट्रिंग देखीं विज्ञान

इंसब्रुक की टीम ने अतिशीतल परमाणुओं में बेथे स्ट्रिंग देखीं

प्रकाशित 14 सितंबर 2026 0 दृश्य

ऑस्ट्रिया के इंसब्रुक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अतिशीतल परमाणु गैस में बेथे स्ट्रिंग कहलाने वाले बंधे समूह बनाए और देखे हैं। विश्वविद्यालय ने 14 सितंबर को यह घोषणा की। यह कार्य क्वांटम कणों का सामूहिक व्यवहार नियंत्रित ढंग से समझने का साधन देता है, जिसमें छह से अधिक परमाणुओं वाले समूहों के प्रमाण मिले हैं।

हांस क्रिस्टोफ नेगर्ल की टीम ने एम्स्टर्डम और म्यूनिख के सिद्धांतकारों के साथ काम किया। उनका विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित शोधपत्र 29 अगस्त को नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुआ था; आज की विश्वविद्यालय घोषणा प्रयोग समझाती है। हांस बेथे ने 1931 में इन अवस्थाओं की भविष्यवाणी की थी। छोटी स्ट्रिंग क्वांटम चुंबकों और अतिचालक क्यूबिट में पहले भी देखी गई हैं।

विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रयोग में सीज़ियम परमाणुओं को परम शून्य से एक डिग्री के कुछ अरबवें हिस्सों जितना ऊपर ठंडा कर हजारों संकरी नलियों में बाँटा गया। इससे उनकी गति मुख्यतः एक दिशा तक सीमित रही। परमाणुओं की पारस्परिक क्रिया प्रतिकर्षण से आकर्षण में बदलने पर विभिन्न आकार के बंधे समूहों का मिश्रण बना।

स्ट्रिंग पहचानने के लिए टीम ने दो तरह के विस्तार की तुलना की। नलियों में समूह टकराकर भी जुड़े रहे। गैस को तीन आयामों में मुक्त करने पर बंधी अवस्थाएँ टूटीं और विस्तार तेज हुआ, जिससे टीम ने बंधन ऊर्जा की जाँच की। बिना बंधे परमाणुओं के लिए दोनों मापों में लगभग समान ऊर्जा मिली।

शोधपत्र में परमाणुओं के संवेग वितरण और टैन कॉन्टैक्ट में अतिरिक्त प्रमाण हैं; यह माप कणों के सहसंबंधों से जुड़ा है। परिणाम सामान्यीकृत द्रवगतिकी से मात्रात्मक रूप से मेल खाते हैं, जो इन प्रणालियों का सैद्धांतिक ढाँचा है। प्रगति कई स्ट्रिंग वाले मिश्रण से संबंधित है, जिसमें बड़ी स्ट्रिंग भी हैं; यह छोटी, अलग स्ट्रिंग के पुराने अवलोकनों का विस्तार है।

विश्वविद्यालय के अनुसार गैस की ज्यामिति, घनत्व और पारस्परिक क्रियाएँ सटीक नियंत्रित की जा सकती हैं। इससे इन सामूहिक वस्तुओं के बनने और टकराने का अध्ययन संभव है। लेखक क्वांटम सुसंगति, गैररेखीय गतिकी और तापीय संतुलन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया के भावी अध्ययन की संभावनाएँ बताते हैं, जिसमें परस्पर क्रिया वाली प्रणाली तापीय साम्य के निकट पहुँचती है।

स्रोत: University of Innsbruck: https://www.uibk.ac.at/en/newsroom/2026/bethe-strings-observed-in-ultracold-atoms/ ; Nature Communications: https://www.nature.com/articles/s41467-026-76018-0 ; University of Innsbruck release via Phys.org: https://phys.org/news/2026-09-ultracold-cesium-atoms-reveal-bethe.html

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