रोड आइलैंड के प्रोविडेंस स्थित ब्राउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जीन गतिविधि में ऐसे बदलाव पहचाने हैं जो विकसित होते तंत्रिका तंतुओं को मेरुरज्जु में रास्ता खोजने में मदद करते हैं। विश्वविद्यालय ने 16 सितंबर को पीएनएएस में प्रकाशित अध्ययन की जानकारी दी, जो न्यूरॉनों के भीतर इन बदलावों को उनके बढ़ते अक्षतंतुओं के मार्गदर्शन से जोड़ता है। निष्कर्ष चूहों के विकास से संबंधित हैं; यह मनुष्यों में परखा गया उपचार नहीं है।
अक्षतंतु न्यूरॉनों को दूसरी कोशिकाओं से जोड़ते हैं। टीम ने कमिश्यूरल न्यूरॉनों का अध्ययन किया, जो तंत्रिका तंत्र के बाएं और दाएं हिस्सों को जोड़ते हैं। मेरुरज्जु की मध्यरेखा पार करते समय इनके अक्षतंतु तेजी से मुड़ते हैं। इससे रास्ते के बीच के पड़ावों पर बढ़ते तंतुओं की दिशा बदलने की प्रक्रिया जांची जा सकती है।
ब्राउन के अनुसार, अलेक्जेंडर यावोर्स्की की प्रयोगशाला ने एक विशेष आनुवंशिक उपकरण से विकास के चार चरणों में इन न्यूरॉनों को अलग किया। एकल कोशिका आरएनए अनुक्रमण ने बताया कि कौन से जीन सक्रिय थे। इससे कोशिकाओं के विकास और अक्षतंतुओं के आगे बढ़ने के दौरान जीन गतिविधि की तुलना संभव हुई।
विश्लेषण ने मध्यरेखा पार करने को जीन अभिव्यक्ति के व्यापक बदलाव से जोड़ा। अक्षतंतुओं के सिरों पर अलग मार्गदर्शक अणु दिखाई दिए, जो अगले पड़ाव की ओर वृद्धि को दिशा देने में सहायक थे। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह खोज बढ़ते सिरे की रास्ता खोजने की प्रक्रिया समझने में कोशिका के मुख्य भाग में जीन नियमन की भूमिका जोड़ती है।
शोध ने विकास के विभिन्न चरणों के 12,000 से अधिक न्यूरॉनों की जीन अभिव्यक्ति का डेटा भी तैयार किया। ब्राउन ने कहा कि यह मानचित्र मेरुरज्जु पर व्यापक शोध में सहायक हो सकता है। सामान्य विकास पर केंद्रित होने के कारण अध्ययन यह साबित नहीं करता कि यही तरीका वयस्कों की क्षतिग्रस्त तंत्रिकाएं सुधार सकता है या चलने-फिरने की क्षमता लौटा सकता है।
यावोर्स्की ने कहा कि खोज मेरुरज्जु की चोट या स्ट्रोक के बाद दोबारा बढ़ते अक्षतंतुओं को सही लक्ष्य तक पहुंचाने की जांच में मदद कर सकती है। जीन के समूह कैसे मिलकर काम करते हैं, यह आगे के शोध का खुला प्रश्न है। ब्राउन ने अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों और अपने कार्नी मस्तिष्क विज्ञान संस्थान से मिले सहयोग की जानकारी दी।
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